लखनऊ, चार जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए शनिवार को प्रदेश के 60 जिलों में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस परीक्षा में कुल 88.77 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। इस दौरान कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली की मदद से 44 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन दो, तीन और चार जुलाई को किया गया। परीक्षा प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) के लिए आयोजित की गई।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि दो जुलाई की दोनों पालियों और तीन जुलाई की पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें पंजीकृत 12,11,459 अभ्यर्थियों में से 10,57,055 अभ्यर्थियों (87.25 प्रतिशत) ने परीक्षा दी।
उन्होंने बताया कि तीन जुलाई की दूसरी पाली और चार जुलाई की पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई, जिसमें पंजीकृत 7,83,202 अभ्यर्थियों में से 7,13,659 (91.12 प्रतिशत) ने हिस्सा लिया। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 87 प्रतिशत और प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 90.85 प्रतिशत रही।
डॉ. कुमार ने बताया कि शनिवार को पहली पाली में प्रदेश के 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में पंजीकृत 3,79,316 अभ्यर्थियों में से 3,34,775 (लगभग 88 प्रतिशत) ने परीक्षा दी।
उन्होंने कहा कि दोनों स्तरों की परीक्षा को मिलाकर कुल 19,94,661 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 17,70,714 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 88.77 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए निर्धारित सभी 60 जिलों में आयोग के सदस्यों तथा सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया गया था। प्रेक्षकों ने परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की।
डॉ. कुमार के अनुसार, एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्ध अभ्यर्थियों की जांच के दौरान दो जुलाई को 14, तीन जुलाई को 11 और चार जुलाई को 19 सहित कुल 44 फर्जी परीक्षार्थियों को दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया।
उन्होंने बताया कि तीन जुलाई को एक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन के माध्यम से नकल का प्रयास करते हुए भी पकड़ा गया। सभी आरोपियों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
बयान में कहा गया कि प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पारदर्शी, नकलविहीन, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई।
भाषा
आनन्द रवि कांत