महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष का कृत्‍य द्रौपदी के चीरहरण जैसा : योगी आदित्यनाथ

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महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष का कृत्‍य द्रौपदी के चीरहरण जैसा : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 09:54 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 09:54 PM IST

लखनऊ, 19 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनका आचरण “भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण” जैसा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आदित्यनाथ ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन विधेयक पारित न हो पाने को लेकर कांग्रेस-नीत ‘इंडिया’ गठबंधन, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां करना “भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिलाता है, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी-विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश है और वे इसे कभी माफ नहीं करेंगी।”

आदित्यनाथ ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विपक्ष की मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने सपा पर विशेष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को “स्टेट गेस्ट हाउस कांड” जैसी घटनाओं के संदर्भ में आत्ममंथन करना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल “परिवार और सीमित वर्ग” तक लाभ पहुंचाना है और यही कारण है कि वह संसद की कार्यवाही में बाधा बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श के बाद किया गया था, ताकि इसे लागू करने से पहले सभी राज्यों की चिंताओं का समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों द्वारा प्रतिनिधित्व को लेकर उठाई गई चिंताओं पर प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया था कि किसी का हक नहीं मारा जाएगा।

महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर मिला है।

आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 2017 से पहले लगभग 10,000 थी, जो अब बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से एक करोड़ से अधिक महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिये महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” की नेतृत्व क्षमता को बाधित करने का प्रयास किया गया है, लेकिन देश की महिलाएं इस तरह के आचरण को स्वीकार नहीं करेंगी।

भाषा

आनन्द रवि कांत