Magh Mela 2026: संगम पर पवित्र स्नान के लिए उमड़ी भीड़, ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी! देखिए प्रयागराज से आई खास झलकियां!

Magh Mela 2026: 8 जनवरी 2026 को माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जा रहा है, और इस मौके पर संगम घाट पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है।

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 07:38 AM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 07:41 AM IST

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HIGHLIGHTS
  • मौनी अमावस्या पर संगम में भारी भीड़।
  • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
  • 3 करोड़ श्रद्धालुओं का संगम पहुंचने का अनुमान।

प्रयागराज: 18 जनवरी 2026, रविवार को Magh Mela 2026 का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जा रहा है, और इस मौके पर संगम घाट पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम और अन्य स्नान घाटों पर पहुंचे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है, और इस दिन पवित्र स्नान करने से आत्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।

Makar Mela Prayagraj: लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

Magh Mela 2026 के इस खास दिन पर अब तक लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाएंगे। इस दिन के महत्व को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। एक दिन पहले ही करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे, और प्रशासन का अनुमान है कि मौनी अमावस्या के दिन तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम तक पहुंच सकते हैं। स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी की है और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।

Magh Mela Snan: सुरक्षा व्यवस्था का किया गया व्यापक इंतजाम

Magh Mela 2026 को देखते हुए मेला प्रशासन ने इस साल के स्नान पर्व के लिए खास इंतजाम किए हैं। साढ़े तीन किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है ताकि श्रद्धालु आसानी से स्नान कर सकें। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है, और सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी कड़ी सतर्कता बरती जा रही है।

Magh Mela Date: संगम घाट पर पवित्र स्नान के लिए बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मौनी अमावस्या के मौके पर संगम घाट पर पवित्र स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मेला अधिकारी ऋषि राज ने कहा कि मौनी अमावस्या के स्नान के लिए सभी 7 सेक्टरों में घाट तैयार किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निकटतम घाट पर पहुंचें और वहां पर स्नान कर डुबकी का लाभ लें। Magh Mela 2026   को देखते हुए मेला प्रशासन ने इस दिन को लेकर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, और जल पुलिस, RAF, पुलिस जैसी एजेंसियों के साथ भीड़ की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

Magh Mela in Which State: भीड़ पर नजर रखने के लिए AI कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल

इस बार के Magh Mela 2026 में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा के अनुसार, भीड़ पर नजर रखने के लिए AI कैमरे और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखना आसान हो सके। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने भी सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और कहा कि मौनी अमावस्या के स्नान का आयोजन अच्छे तरीके से चल रहा है।

Magh Mela 2026 Prayagraj Date: श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए व्यवस्था

Magh Mela 2026 को देखते हुए प्रयागराज डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बीते दिन कहा कि अब तक लाखों श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी बताया कि अभी तक पचास लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए खंभों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए हैं, और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर भी श्रद्धालुओं को गाइड कर रहे हैं।

मौनी अमावस्या का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक जीवन बदलने वाला अनुभव भी होता है। संगम में स्नान के साथ-साथ पवित्र दान और साधना से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इस मौके पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा की गई तैयारियों से माघ मेला 2026 शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो सकेगा।

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मौनी अमावस्या कब मनाई जाती है?

माघ माह की अमावस्या, जनवरी में।

संगम पर कितने श्रद्धालु पहुंच सकते हैं?

लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान।

सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

जल पुलिस, एनडीआरएफ, ड्रोन, AI कैमरे।