Iran Israel War Indians Rescue: इजरायल-ईरान में फंसे करीब 50 हजार भारतीय, सरकार ने बताया कैसे करेगी रेस्क्यू, हेल्पलाइन नंबर किया जारी…

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Iran Israel War Indians Rescue: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तेज होते मिसाइल हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। लगातार हो रहे हमलों और सायरनों के बीच इजरायल में रह रहे हजारों विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है।

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  • Publish Date - March 1, 2026 / 08:12 AM IST,
    Updated On - March 1, 2026 / 09:30 AM IST

iran israel war/ image source: Indianciti07 x handle

HIGHLIGHTS
  • इजरायल में 41,000 भारतीय फंसे
  • जॉर्डन-मिस्र से निकासी योजना
  • सुरक्षित विंडो का इंतजार

Iran Israel War Indians Rescue: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तेज होते मिसाइल हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। लगातार हो रहे हमलों और सायरनों के बीच इजरायल में रह रहे हजारों विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। ऐसे हालात में वहां मौजूद करीब 41,000 भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है।

Indians in Israel Rescue Plan: भारत के राजदूत जेपी सिंह का बयान आया सामने

इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने साफ कहा है कि फिलहाल सड़क मार्ग से यात्रा करना बेहद खतरनाक है और नागरिकों को किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही कोई सुरक्षित ‘विंडो’ यानी सुरक्षित समय और रास्ता उपलब्ध होगा, भारतीयों को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकाला जाएगा।

रेस्क्यू प्लान के तहत भारत सरकार ने वैकल्पिक निकासी मार्ग भी तय कर लिए हैं। दूतावास के अनुसार भारतीयों को सीधे युद्धग्रस्त क्षेत्र से निकालकर पड़ोसी सुरक्षित देशों के रास्ते बाहर लाया जाएगा। इसके लिए मुख्य विकल्प जॉर्डन और मिस्र को चुना गया है। राजदूत जेपी सिंह ने बताया कि उस समय जो सीमा मार्ग सबसे सुरक्षित होगा, उसी का उपयोग किया जाएगा। दूतावास लगातार पंजीकृत भारतीयों से संपर्क में है और आपात स्थिति में त्वरित निकासी के लिए डेटा और लोकेशन अपडेट जुटा रहा है।

India rescue operation Israel: विदेश मंत्री एस. जयशंकर दोनों देशों से संपर्क में

कूटनीतिक स्तर पर भी भारत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान और इजरायल दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से सीधी बातचीत कर स्थिति पर चिंता जताई है और तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर चर्चा कर क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संघर्ष का विस्तार पूरे क्षेत्र और वहां रह रहे लाखों प्रवासियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

Iran Israel War: दोनों देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते

संकट केवल इजरायल तक सीमित नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इजरायल में लगभग 41,000 और ईरान में करीब 10,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों और पेशेवरों की है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और फिलिस्तीन जैसे देशों में भी लाखों भारतीय कामगार मौजूद हैं। क्षेत्र में बढ़ते हमलों और एयरस्पेस बंद होने की आशंका को देखते हुए इन सभी देशों में भारतीय मिशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेष रूप से यूएई में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले की आशंका के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट और बढ़ा दिया है।

हेल्पलाइन नंबर किया जारी

भारतीय दूतावासों ने खाड़ी देशों में रह रहे नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। सऊदी अरब स्थित भारतीय मिशन ने कहा है कि यदि एयरस्पेस बंद होने या फ्लाइट रद्द होने से किसी भारतीय यात्री को परेशानी होती है तो वह 24×7 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकता है। भारतीय एयरलाइंस ने भी आश्वासन दिया है कि प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।

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इजरायल में कितने भारतीय हैं?

करीब 41,000 भारतीय मौजूद।

निकासी किस रास्ते होगी?

जॉर्डन या मिस्र सीमा से।

अभी निकासी क्यों नहीं?

सुरक्षित समय उपलब्ध नहीं।