US-Israel Iran War/Image Source: Generated by AI
US-Israel Iran War: मध्य-पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालिया हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान देते हुए ईरान की जनता से शासन के खिलाफ एकजुट होने और विद्रोह करने का आह्वान किया है। हिब्रू भाषा में जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा, “इस अवसर को न चूकें, यह पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका है।” उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष से क्षेत्र में शांति स्थापित होगी।
US-Israel Iran War: नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे संकेत मिलता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमेनेई अब जीवित नहीं हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि नेतन्याहू को खामेनेई के शव की कथित तस्वीर दिखाई गई थी, जिसे तेहरान स्थित परिसर से बरामद किया गया बताया गया। वहीं ईरानी सरकारी सूत्रों ने इन खबरों को “भ्रामक और मनोवैज्ञानिक युद्ध” का हिस्सा बताया है।
US-Israel Iran War: इजरायल के दावों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बयान जारी कर कहा कि “इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई की मौत हो गई है।” ट्रंप ने इसे ईरान की जनता और दुनिया के लिए न्याय बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से खामेनेई बच नहीं सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सुरक्षा बलों के कई सदस्य लड़ाई जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं।
#BREAKING: Dubai Airport in UAE under fresh attack from Iranian ballistic missiles. Several passengers and staff injured. Developing story at midnight. pic.twitter.com/TzQSeg35bJ
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) February 28, 2026
US-Israel Iran War: ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24 प्रांत प्रभावित हुए हैं। अब तक 201 लोगों की मौत और 747 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है। मृतकों में 85 स्कूली छात्राएं भी शामिल बताई गई हैं। इजरायल और अमेरिका ने शनिवार (28 फरवरी 2026) को तेहरान, तबरेज, करमनशाह, क़ोम, कराज और इस्फहान समेत कई ठिकानों पर हमले किए। इजरायल का कहना है कि यह ऑपरेशन हफ्तों पहले तय किया गया था और इसका उद्देश्य ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को कमजोर करना है। जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों, तेल अवीव और इजरायल के अन्य इलाकों पर मिसाइल हमले किए।