Shankaracharya Avimukteshwaranand News/Image Source: @SawarnArmychief
प्रयागराज: Shankaracharya Avimukteshwaranand News: माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच भारी विवाद हो गया। प्रशासन द्वारा भीड़ और सुरक्षा कारणों से रथ से उतरकर पैदल जाने के निर्देश दिए जाने पर अनुयायियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे शंकराचार्य नाराज होकर बिना स्नान किए वापस लौट आए और धरने पर बैठ गए।
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 9 बजे शंकराचार्य अपने लगभग 200 अनुयायियों के साथ रथ और पालकी लेकर संगम तट पहुंचे थे। प्रशासन ने अत्यधिक भीड़ का हवाला देते हुए उन्हें रथ से उतरकर पैदल जाने को कहा। इस दौरान अनुयायियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने प्रशासन और सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि माघ मेले में अनादि काल से चली आ रही परंपरा का उल्लंघन किया गया है और साधु-संतों के अधिकारों का अपमान किया गया। स्वामी जी ने सवाल उठाया कि क्या किसी साधु-संत या श्रद्धालु को गंगा स्नान के लिए अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि क्या कोई बच्चा अपनी मां से मिलने के लिए अनुमति मांगता है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने उनके अनुयायियों के साथ मारपीट की और उनके धार्मिक ‘छत्र’ को भी तोड़ा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा नियमों का पालन करते आए हैं और आगे भी करेंगे लेकिन परंपराओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद माघ मेले में साधु-संत और श्रद्धालुओं के बीच यह विवाद चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ अनुयायियों को जीप में बैठाया जिससे तनाव और बढ़ गया। शंकराचार्य की यह प्रतिक्रिया प्रशासन के आदेशों से असंतोष जताने के रूप में देखी जा रही है।
हमारी डुबकी को देखकर करोड़ो जनता आई है, और आप हमारे ही रास्ते को रोकते हैं। कहते हैं कि इन्होंने परमिशन नहीं लिया। हम सूचना देते रहे हैं, लेकिन ये सूचना को सोचते हैं कि परमिशन ले रहे हैं। बहुत बड़ा भ्रम हो गया है इनको।
⦁शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी। pic.twitter.com/QoizdwDeQh
— Rajesh Sahu (@askrajeshsahu) January 19, 2026