Swami Avimukteshwaranand News, image source: ibc24
Prayagraj News: कहां तो जरूरत है सनातन के एक होकर ताकत बढ़ाने की और हकीकत में सनातन के पुरोधा आपस में टकराते दिख रहे हैं…प्रयागराज में माघी मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वारनंद महाराज (Swami Avimukteshwaranand protest)और प्रशासन के बीच संगम स्नान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह से सियासी हो चुका है…और हर दिन के साथ ये टकराव अब संत समाज को भी आपस में टकराव की तरफ ले जा रहा है…देखिए..।
माघ मेले के दौरान संगम स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायियों को कथित तौर पर रोके जाने और अपमानित किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है..प्रयागराज में शंकराचार्य का धरना लगातार दसवें दिन भी जारी है.. (Swami Avimukteshwaranand protest) प्रशासन और शंकराचार्य के बीच प्रमाण-पत्र, सुरक्षा व्यवस्था और बयानबाज़ी को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है..धरने के समर्थन में संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है.. कई संतों ने धूनी तपस्या और हठ योग शुरू कर दिया है.. महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा भी शंकराचार्य के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे हैं..संतों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म के सम्मान का सवाल है..
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है..श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर इस विवाद पर चिंता जताई है..पत्र में उन्होंने लिखा है कि ..(Swami Avimukteshwaranand protest) मुख्यमंत्री योगी हिंदुओं के गौरव हैं और शंकराचार्य जी हिंदुओं के भगवान समान हैं.. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ..संतों के बीच चल रहे इस जुबानी संघर्ष से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं..वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं और सकारात्मक समाधान की उम्मीद जताई है..इधर, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव भी संत समाज के पक्ष में बयान दे चुके हैं..
(Swami Avimukteshwaranand protest) अब देखना यह होगा कि प्रशासन और संत समाज के बीच यह टकराव संवाद से सुलझता है या आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराता है..