Ram Mandir Trust Fund: राम मंदिर में कितना आया चढ़ावा? कहां हुआ खर्च? ट्रस्ट ने बताया पाई-पाई का हिसाब… आप भी जानें

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Ram Mandir Trust Fund: राम मंदिर में कितना आया चढ़ावा? कहां हुआ खर्च? ट्रस्ट ने बताया पाई-पाई का हिसाब... आप भी जानें

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  • Publish Date - July 7, 2026 / 10:42 AM IST,
    Updated On - July 7, 2026 / 10:43 AM IST

Ram Mandir Trust Fund/Photo Creadit: AI Image

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर ट्रस्ट ने ₹3,264 करोड़ दान और ₹2,370 करोड़ निर्माण खर्च का विवरण जारी किया
  • 31 मार्च 2026 तक ₹582 करोड़ चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिसमें ₹391 करोड़ संचालन पर खर्च हुए
  • 2,926 मूल्यवान भेंट सुरक्षित, चांदी की वस्तुओं को गलाकर सुरक्षित छड़ों के रूप में रखा गया

अयोध्या। Ram Mandir Trust Fund: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर चंदा चोरी के बाद से लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। वहीं, इसी बीच 6 जुलाई 2026 को हुई बैठक के बाद ट्रस्ट ने दान और खर्च की पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक कर दिया है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने 2,926 सुरक्षित वस्तुओं की सूची दिखाई। साथ ही स्पष्ट किया कि चांदी को गलाकर सुरक्षित रखा गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust Fund) की ओर से बताया गया कि अब कितना दान प्राप्त किया गया, किन कार्यों में और कहां-कहां खर्च हुआ। ट्रस्ट के फंड में अभी कितने पैसे हैं। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि भगवान रामलला के खजाने की पाई-पाई का हिसाब पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। इनमें सोने की रामायण, भगवान के चरण चिन्ह, हार और कागभुसुंडि शामिल हैं।

Ram Mandir Trust Fund जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक दान से 3,264 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 2,370 करोड़ निर्माण कार्य में खर्च हुए। 31 मार्च 2026 तक 582 करोड़ का कुल चढ़ावा आया। जिसमें से 391 करोड़ रुपए मंदिर संचालन में खर्च हुआ। बाकी पैसा बैंक खातों में उपलब्ध है। इसके आलावा मंदिर को 2926 भेंट प्राप्त हुईं है, चांदी की वस्तुओं को गलाकर छड़ें बनाई गई हैं।

 

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा की श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी हो गई है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में दोनों का त्यागपत्र मंजूर कर लिया है। चंपत राय की जगह ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव होंगे। गोविंद ने कहा कि चंपत राय ने कहा है कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते तब तक पद पर रहना सही नहीं है। जो हुआ वह कष्टदायी है। इससे हम सब दुखी हैं। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक घटना है।

22 जुलाई को फिर होगी ट्रस्ट की बैठक

Ram Mandir Trust Fund गोविंद देव गिरी ने कहा हमारा काम पूरी पारदर्शिता रखना है। हम 22 जुलाई को फिर से बैठेंगे। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। चोरी तो चोरी ही है, छिपे हुए अपराधी खोजे जाएंगे। एसआईटी अपना काम कर रही है।

चंपत राय को वेदना हुई

Ram Mandir Trust Fund गोविंद देव गिरी ने कहा- चढ़ावा चोरी की घटना से चंपत राय को बहुत वेदना हुई। उन्हें लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, अपराधी पकड़े नहीं जाते, उन्हें दंड नहीं मिल जाता, यह सोचकर उन्होंने त्याग पत्र दिया। जिसे मान्य करना, न मान्य करना हमारे बस की बात नहीं थी। इसलिए इस न्यास के संविधान के अनुसार- त्याग पत्र देते ही उसे मान लिया जाता है। इसलिए मूल प्रॉसेस को आधार मानकर उनके इस्तीफे को स्वीकार किया गया है। इसलिए इसे माना गया है।

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राम मंदिर ट्रस्ट को अब तक कितना दान मिला है?

ट्रस्ट के अनुसार अब तक ₹3,264 करोड़ दान के रूप में प्राप्त हुए हैं।

मंदिर निर्माण पर कितना खर्च हुआ है?

अब तक ₹2,370 करोड़ मंदिर निर्माण कार्य पर खर्च किए जा चुके हैं।

कुल चढ़ावा कितना मिला है?

31 मार्च 2026 तक मंदिर को ₹582 करोड़ का चढ़ावा प्राप्त हुआ है।

क्या मंदिर की भेंट सुरक्षित हैं?

हां। ट्रस्ट के अनुसार 2,926 भेंट सुरक्षित हैं और चांदी की वस्तुओं को सुरक्षा के लिए छड़ों में बदलकर रखा गया है।

चंपत राय ने इस्तीफा क्यों दिया?

ट्रस्ट के अनुसार, उन्होंने चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तक पद से हटने का निर्णय लिया।