Ram Mandir Trust Meeting Decision: राम मंदिर ट्रस्ट में अब होगी CEO की एंट्री, नियुक्ति के लिए बनाई गई हाई लेवल कमेटी, राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक में लिया गया फैसला

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Ram Mandir Trust Meeting Decision: राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से बड़ा फैसला लेते हुए CEO की नियुक्ति करने की बात कही गई है।

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 09:57 PM IST

Ram Mandir Trust Meeting Decision/Image Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • चढ़ावा चोरी मामले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई।
  • बैठक में ट्रस्ट की तरफ से बड़ा फैसला लेते हुए CEO की नियुक्ति करने की बात कही गई है।
  • CEO की नियुक्ति के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है।

Ram Mandir Trust Meeting Decision: अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई। इस बैठक में ट्रस्ट की तरफ से बड़ा फैसला लेते हुए CEO की नियुक्ति करने की बात कही गई है। CEO की नियुक्ति के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। इस समिति में न्यायपालिका और सेना के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े शामिल हैं। यह समिति CEO पद के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी और अपनी सिफारिश ट्रस्ट के समक्ष रखेगी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा हुआ स्वीकार

इसके पहले बैठक में ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। (Ram Mandir Trust Meeting Decision) चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। लगभग चार घंटे की मीटिंग के बाद ट्रस्‍ट की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर सवालों के जवाब द‍िए गए। तो चलिए जानते हैं कि आखिर अब तक राम मंदिर में कितने रुपए दान के रूप में मिले हैं।

राम मंदिर को अब तक मिले 3,264 करोड़ रुपए

ट्रस्ट ने बताया कि निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन के जरिए अब तक 3,264 करोड़ रुपए मिले हैं। इनमें से 2,370 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। ट्रस्ट बनने से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से 582 करोड़ रुपए का चढ़ावा मिला। इसमें से 391 करोड़ रुपए मंदिर के संचालन और अन्य खर्चों पर उपयोग किए गए हैं। बाकी राशि बैंक खातों में सुरक्षित है। ट्रस्ट ने बताया कि नकद दान के अलावा श्रद्धालुओं ने भगवान रामलला को 2,926 प्रकार के उपहार भी भेंट किए हैं। इन सभी का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है, जिसमें उपहार मिलने की तारीख भी लिखी गई है। हर साल एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म इन उपहारों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) भी करती है। यदि कोई श्रद्धालु अपने दिए गए दान या उपहार के उपयोग की जानकारी लेना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के अधिकारी से समय लेकर अयोध्या आकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

जानिए कहा है आभूषण

Ram Mandir Trust Meeting Decision: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण मीडिया के सामने प्रदर्शित किए। उन्होंने मंदिर में सुरक्षित रखे गए आभूषणों को दिखाते हुए उनकी जानकारी शेयर की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा, जो लोग कभी राम के बारे में बात नहीं करते थे, उनमें विश्वास नहीं करते थे और जिनकी पीढ़ियों ने कभी उनकी पूजा नहीं की, वे अचानक राम भक्त बन गए। जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोलियां चलाईं, वे अचानक राम भक्त बन गए और जो लोग जालीदार टोपियां पहनते थे, सिर्फ इफ्तार पार्टियों में जाते थे और कभी राम के मंदिर नहीं गए, वे भी उनके दर्शन करने आए।

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राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने का फैसला क्यों लिया गया?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के लिए CEO नियुक्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय चयन समिति का गठन किया गया है।

राम मंदिर CEO की नियुक्ति के लिए बनाई गई समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े शामिल हैं। यह समिति योग्य उम्मीदवारों का चयन कर ट्रस्ट को अपनी सिफारिश देगी।

राम मंदिर को अब तक कुल कितना दान मिला है?

ट्रस्ट के अनुसार, निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन के माध्यम से अब तक 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद क्या बदलाव हुए हैं?

ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनकी जगह सेवानिवृत्त IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया है।

राम मंदिर में चढ़ाए गए दान और आभूषणों का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?

ट्रस्ट के अनुसार, सभी दान और उपहारों का विस्तृत रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। हर वर्ष एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म इन उपहारों का भौतिक सत्यापन भी करती है। श्रद्धालु चाहें तो ट्रस्ट से समय लेकर अपने दान और उपहार के उपयोग की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।