राममंदिर प्रकरण: अन्य मंदिरों में चढ़ावे की गिनती में लगे कर्मियों के लिए बिना जेब के कपड़े अनिवार्य

राममंदिर प्रकरण: अन्य मंदिरों में चढ़ावे की गिनती में लगे कर्मियों के लिए बिना जेब के कपड़े अनिवार्य

राममंदिर प्रकरण: अन्य मंदिरों में चढ़ावे की गिनती में लगे कर्मियों के लिए बिना जेब के कपड़े अनिवार्य
Modified Date: July 13, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: July 13, 2026 10:35 pm IST

हमीरपुर/पालनपुर, 13 जुलाई (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना के बाद, दूसरे प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन ने गिनती प्रक्रिया सख्त करते हुए कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कपड़े पहनना अनिवार्य कर दिया है एवं अन्य सख्त नियम भी बनाये हैं।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में बाबा बालक नाथ मंदिर और गुजरात का मशहूर अंबाजी मंदिर उन मंदिरों में शामिल हैं, जिन्होंने ऐसे नियम लागू किए हैं।

कर्नाटक सरकार ने सरकार द्वारा संचालित मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के मकसद से मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।

बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, नकद चढ़ावे की गिनती पहले से ही एक तय प्रक्रिया के तहत, अधिकृत कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में एवं सीसीटीवी की निगरानी में की जाती है।

उसने कहा कि अब इस प्रक्रिया में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बिना जेब के कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया है।

यह फ़ैसला हमीरपुर के उपायुक्त और सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष गंधर्व राठौर के निर्देशों पर लागू किया गया।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि चोरी की कोशिश के कुछ महीनों बाद, अंबाजी मंदिर ने चढ़ावे की गिनती के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया लागू की है। इसमें पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सीधा प्रसारण और कई सुरक्षा जांच शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा कि चढ़ावे की गिनती में शामिल सभी कर्मचारियों को गिनती वाले कमरे में जाने से पहले पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से तलाशी से गुज़रना होगा। उन्होंने कहा कि इस काम के दौरान उन्हें बड़ी जेब वाले कपड़े पहनने की भी इजाज़त नहीं होगी।

यह कदम बनासकांठा जिले के एक मंदिर के नकदी कक्ष से दो महीने पहले एक ‘आउटसोर्स’ कर्मचारी द्वारा एक लाख रुपये चुराने की कोशिश का पुराना सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उठाया गया है।

कर्नाटक सरकार की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सीसीटीवी या वेब कैमरे लगाना ज़रूरी कर दिया गया है। साथ ही, दान के लिए क्यूआर कोड के ज़रिये डिजिटल भुगतान तंत्र को बढ़ावा देने और कई अन्य उपाय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह मानक संचालन प्रक्रिया तब जारी की गयी है, जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अधिकारियों को हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (मुज़राई) विभाग से जुड़े सभी प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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