Sarkari Karmchari Salary Update: अगले महीने इन कर्मचारियों की जेब रह सकती खाली! 31 जनवरी तक ये काम नहीं किए तो रुकेगा वेतन, सरकार के इस आदेश से विभागों में हड़कंप

अगले महीने इन कर्मचारियों की जेब रह सकती खाली! 31 जनवरी तक ये काम नहीं किए तो रुकेगा वेतन, Sarkari Karmchari Salary Update

Sarkari Karmchari Salary Update: अगले महीने इन कर्मचारियों की जेब रह सकती खाली! 31 जनवरी तक ये काम नहीं किए तो रुकेगा वेतन, सरकार के इस आदेश से विभागों में हड़कंप

Sarkari Karmchari Salary Update. Image Source-IBC24

Modified Date: January 12, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: January 12, 2026 5:58 pm IST

लखनऊ: Sarkari Karmchari Salary Update: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। यदि राज्य कर्मचारी सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो अगले महीने उनका वेतन रोका जा सकता है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी अर्जित चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

इस संबंध में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की ओर से जारी आदेश के बाद सभी विभागों में हलचल मच गई है। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी तय समयसीमा तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें जनवरी माह का वेतन फरवरी में नहीं दिया जाएगा। शासन स्तर से सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से समय पर विवरण भरवाना सुनिश्चित करें।

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8.74 लाख कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का ब्योरा

Sarkari Karmchari Salary Update: यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत लागू की गई है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 8.74 लाख सरकारी कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनमें शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, राजस्व विभाग, सचिवालय के अधिकारी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित संपत्ति का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। संपत्ति विवरण में जमीन, मकान, फ्लैट, वाहन, बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, शेयर और अन्य निवेश की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।

नोडल अधिकारी और DDO की बढ़ी जिम्मेदारी

शासनादेश के बाद विभागीय नोडल अधिकारियों और आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से मानव संपदा पोर्टल की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं DDO को साफ तौर पर कहा गया है कि जिन कर्मचारियों का संपत्ति विवरण पोर्टल पर अपडेट नहीं होगा, उनका वेतन रोका जाए। सरकारी महकमे में यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचा दिया गया है कि इस बार किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। पहले कई मौकों पर समयसीमा बढ़ाई जाती रही है, लेकिन इस बार शासन ने वेतन से सीधे जोड़कर सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों को चेतावनी दी है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।