आस्था पर सपा-कांग्रेस की बातें हास्यास्पद लगती हैं : योगी आदित्यनाथ
आस्था पर सपा-कांग्रेस की बातें हास्यास्पद लगती हैं : योगी आदित्यनाथ
गाजियाबाद, 17 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज ये दल आस्था की बात करते हैं, लेकिन उनके मुंह से ऐसी बातें हास्यास्पद लगती हैं।
योगी आदित्यनाथ यहां 868 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और सपा आज आस्था की बात कर रही हैं। इनके मुंह से आस्था की बात बड़ी हास्यास्पद लगती है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी।’’
सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इनको किसी व्यापारी पर बम फेंके जाने पर आपत्ति नहीं होती थी, कट्टा और बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन ‘हर-हर, बम-बम’ बोलने वाले शिवभक्तों से इन्हें आपत्ति होती थी। इन्हें केसरिया रंग से ही चिढ़ थी।’’
आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि ‘‘ये वही लोग हैं जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाई, रामनवमी की शोभायात्राओं को प्रतिबंधित किया और दुर्गा पूजा के पंडालों पर भी रोक लगाने का काम किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बना, तब कांवड़ यात्रा को लेकर बैठक हो रही थी। उस समय पुराने शासनादेश में लिखा था कि कांवड़ यात्रा रोकी जानी चाहिए, क्योंकि इससे दंगे हो सकते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने जब उन्हें पुरानी परंपरा के बारे में बताया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों की यात्रा है और इसमें किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अधिकारियों से कहा था कि चिंता मत कीजिए, कहीं कोई दंगा नहीं होगा। इसकी गारंटी मैं देता हूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता।’’
आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रियों से आगामी यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा तथा सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा कि किसी को भी इस पवित्र यात्रा में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक है और इस पर प्रतिबंध लगाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
गाजियाबाद के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब यह शहर दिल्ली के विकास के प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहा है।
भाषा
आनन्द रवि कांत

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