सपा विधायक फहीम इरफान का ओबीसी प्रमाणपत्र निरस्त
सपा विधायक फहीम इरफान का ओबीसी प्रमाणपत्र निरस्त
मुरादाबाद (उप्र) 11 फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी के बिलारी से विधायक मोहम्मद फहीम इरफान को उस समय झटका लगा जब उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक सत्यापन समिति ने उनका अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत जांच के बाद छह फरवरी को यह आदेश पारित किया।
समिति ने निष्कर्ष निकाला कि इरफान का जौजा जाति से संबंधित होने का दावा स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने इसी आधार पर अपना ओबीसी प्रमाणपत्र प्राप्त किया था।
आदेश के अनुसार, समिति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) के वर्ष 1997-98 के एक निर्णय का संदर्भ लिया, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि जौजा और तुर्क समुदाय एक जैसे नहीं हैं।
जौजा केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल है, जबकि तुर्क अलग श्रेणी में आते हैं और उसे सामान्य वर्ग का हिस्सा माना जाता है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि बिलारी क्षेत्र में मुख्य रूप से तुर्क समुदाय के लोग निवास करते हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इरफान के दादा मोहम्मद इस्लाम लेखपाल के पद पर कार्यरत थे और वह सामान्य वर्ग में पंजीकृत थे।
अधिकारियों ने बताया कि विधायक के चाचा मोहम्मद उस्मान और उनकी दो बेटियों कुमारी फरहीन जहां तथा समरीन जहां के ओबीसी प्रमाणपत्र भी समान आधार पर रद्द कर दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि बिलारी तहसील के गांव इब्राहिमपुर निवासी तथा दिवंगत मोहम्मद इरफान के पुत्र मोहम्मद फहीम इरफान के ओबीसी श्रेणी में आने वाली जौजा जाति से होने का प्रमाण नहीं मिल सका और इसलिए उस वर्ग के तहत लाभ दिया जाना अनुचित पाया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इरफान के पास जिला स्तरीय समिति के निर्णय को आयुक्त की अदालत में चुनौती देने का विकल्प है।
यह मामला 19 जुलाई 2024 का है, जब बिलारी के सिहाली गांव निवासी विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने एनसीबीसी में शिकायत दर्ज कराई थी।
यादव ने 2015 के जिला पंचायत चुनाव में इरफान के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। आरोप है कि इरफान ने ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित वार्ड संख्या 37 से चुनाव लड़ने के लिए ओबीसी प्रमाणपत्र का उपयोग किया। तब से यह विवाद जारी है।
इसके बाद हुए उपचुनाव में लवली ने इरफान के छोटे भाई मोहम्मद हसन को हराकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था।
बिलारी विधानसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2012 में कुंदरकी से अलग कर किया गया था। इरफान के पिता हाजी मोहम्मद इरफान समाजवादी पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे, लेकिन 2016 में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।
इसके बाद फहीम इरफान ने उपचुनाव जीता और विधायक बने।
भाषा सं जफर नोमान
नोमान

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