लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी : योगी आदित्यनाथ

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी : योगी आदित्यनाथ

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: January 17, 2026 / 11:45 pm IST
Published Date: January 17, 2026 11:45 pm IST

(फोटो के साथ)

चंदौली (उप्र), 17 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी है।

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने चंदौली में योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया जिलों के एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास किया।

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मुख्यमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में न्यायपालिका के इतिहास में एक नये पृष्‍ठ का सृजन हो रहा है।

मुख्‍यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उप्र सरकार के पास न्‍यायिक व्‍यवस्‍था से जुड़ा कोई भी कार्य आता है तो उसे पूरा होने में कोई देर नहीं लगती है। हमें न्यायिक सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। उप्र इस दिशा में बहुत आगे बढ़ चुका है।’’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के न्यायिक इतिहास में यह पृष्ठ नए स्वर्ण अक्षर के रूप में जुड़ेगा और उप्र में इसकी शुरुआत प्रधान न्यायाधीश के करकमलों से हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये छह जिले न्यायपालिका के विस्तार के ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के रूप में होंगे, जिसका उद्देश्य यह है कि न्याय हर नागरिक तक पहुंच सके।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आज धन की कमी नहीं है, इच्‍छा शक्ति की कमी जरूर दिखती है। आप दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कार्य करिए सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।’’

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में आने के बाद व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तमाम सुधार किए। बुनियादी ढांचा को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। प्रधानमंत्री से हमें भी प्रेरणा मिली।

आधिकारियों के अनुसार, इन अदालत परिसरों के निर्माण में करीब 1,500 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है। चंदौली में बनने वाले अदालत परिसर की लागत करीब 236 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 37 अदालत कक्ष, अधिवक्ताओं के चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास और जनपद न्यायाधीश का आवासीय भवन शामिल होंगे। यह परियोजना अप्रैल 2027 तक पूरी होने का अनुमान है।

आदित्यनाथ ने याद किया कि, अपनी एक यात्रा के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस बात का उल्लेख किया था कि न्याय प्रत्येक नागरिक को सहजता के साथ उपलब्ध हो सके, इसके लिए आवश्यक है कि कुछ ऐसे मॉडल बनने चाहिए जो एकीकृत हो, एक ही छत के नीचे हों।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में अदालती परिसरों के निर्माण के लिए सहयोग और स्वीकृति देने को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को धन्यवाद दिया और कहा कि अन्य चार जिलों में अदालतों की स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में बिंदल जी (पूर्व मुख्य न्यायाधीश) ने सकारात्मक सहयोग किया और उप्र सरकार ने एक साथ 10 जिलों में (जहां स्वयं के जिला न्यायालय नहीं थे) एकीकृत अदालत परिसर के लिए स्वीकृति दी। अगले कुछ महीने में चार अन्य जिलों में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले चरण में चंदौली समेत छह जिलों के लिए धनराशि अवमुक्त हो गई है। डिजाइन मंजूर होने के साथ ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यहां एक ही छत के नीचे कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अधिवक्ताओं के लिए अच्छे चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, कैंटीन, पार्किंग, खेल आदि की सुविधाएं रहेंगी।

इससे पहले, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत का स्मृति चिह्न भेंट करके स्वागत किया। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल सहित कई अन्य गणमान्य मौजूद थे।

भाषा आनन्द अरुणव सुरभि

सुरभि


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