प्रौद्योगिकी ने सबसे गरीब व्यक्ति को सशक्त किया- हरिवंश

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प्रौद्योगिकी ने सबसे गरीब व्यक्ति को सशक्त किया- हरिवंश

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 09:45 PM IST

अलीगढ़ (उप्र), 17 जून (भाषा) राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2014 के बाद से भारत ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में एक बड़ी छलांग लगाई है जिससे सरकारी लाभ के प्रत्यक्ष अंतरण के जरिए देश के सबसे गरीब वर्गों का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में वार्षिक सर सैयद स्मारक व्याख्यान को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकीय उन्नयन से यह सुनिश्चित हुआ है कि लाभार्थियों को प्रत्यक्ष डिजिटल अंतरण के जरिए कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिला।

सामाजिक बदलाव में प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक बदलावों और समाज के सभी वर्गों खासकर वंचित और संसाधन विहीन गरीबों को सशक्त करने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा, “इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस देश की बड़ी और विविध आबादी और ढांचागत सीमाओं के चलते इसके समक्ष विभिन्न चुनौतियां हैं। हालांकि, इन चुनौतियों से निपटते हुए सरकार नागरिकों को सशक्त करने और भारत को एक विकसित राष्ट्र में तब्दील करने की दिशा में सतत रूप से अग्रसर है।”

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के संदर्भ में सिंह ने कहा कि खान ने अपनी पढ़ाई और सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाते हुए भारी विरोध और चुनौतियों का सामना किया।

सिंह ने कहा, “यही वजह से सर सैयद अहमद खान की गिनती आधुनिक भारत के निर्माताओं में होती है।”

सरकार की विभिन्न पहल को रेखांकित करते हुए उन्होंने डिजिटल इंडिया मिशन, डीबीटी, प्रधानमंत्री किसान योजना, यूपीआई आदि का संदर्भ देते हुए कहा कि समावेशी विकास के लिए कैसे प्रौद्योगिकी काम कर रही है, ये इसका उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रौद्योगिकी को सभी की पहुंच में लाने के लिए काम किया है, बिजली उत्पादन का विस्तार किया है और भारत को विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने में मदद की है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति नाइमा खातून ने की।

भाषा सं राजेंद्र सुरभि

सुरभि