हाथरस (उप्र), 13 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हाथरस में दर्ज मानहानि के परिवाद में अब अगली सुनवाई दो मई को होगी।
हाथरस के बूलगढ़ी प्रकरण में दोषमुक्त हो चुके युवकों को आरोपी बताने के मामले में सांसद-विधायक अदालत में यह परिवाद दायर है। इस मामले में आज सुनवाई होनी थी
वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि जिस सांसद-विधायक अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी उस अदालत के न्यायाधीश दीपक नाथ सरस्वती का तबादला हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अब नई अदालत में अगली सुनवाई होगी, जिसके लिए दो मई की तारीख नियत की गई है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश सरस्वती का तबादला होने की बजह से आज सुनवाई नहीं हो सकी है ।
राहुल गांधी के वकील भगवती प्रसाद ने बताया कि इस मामले में पिछली तारीख को आपत्ति दाखिल हो गई थी तथा आज चूंकि अधिकारी नहीं बैठे थे इसलिए सुनवाई नहीं हो सकी।
दरअसल हाथरस के बहुचर्चित बूलगढ़ी प्रकरण में बलात्कार के आरोप से बरी हुए युवक रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लवकुश के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि राहुल गांधी के विरूद्ध उन्होंने अपने मुवक्किलों की ओर से तीन मामले दर्ज कराये थे ।
पुंढीर ने यह भी बताया कि बूलगढ़ी प्रकरण में युवक संदीप को तो नामजद किया गया था, लेकिन वादी के परिवार के लोगों के कहने पर तीन और लड़कों को झूंठा फंसा दिया गया था।
इस मामले का सीबीआई ने जांच की तथा ढाई साल मुकदमा चला। इस दौरान तीनों लड़के जेल में रहे। जब वे छूट कर आए तब राहुल गांधी 12 दिसंबर 2024 को गांव बूलगढ़ी आए और उन्होंने कहा कि आरोपी बाहर घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार घर में बंद है।
गांधी के बयान के बाद रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लवकुश के वकील पुंढीर ने राहुल गांधी को डेढ़ करोड़ रूपयें का मानहानि नोटिस भेजा था तथा तीनों को 50-50 लाख रुपए देने को कहा गया था।
भाषा सं जफर
राजकुमार
राजकुमार