उप्र में व्यावसायिक और प्राविधिक शिक्षा के प्रस्तावित बजट में सरकार ने वृद्धि की
उप्र में व्यावसायिक और प्राविधिक शिक्षा के प्रस्तावित बजट में सरकार ने वृद्धि की
लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए 2026-27 के बजट में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के साथ ही प्राविधिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए बजट में वृद्धि की है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को प्रस्तावित बजट पेश करते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के बजट में 2025-26 के मुकाबले 88 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए लगभग 3,349 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
खन्ना ने बताया कि प्राविधिक शिक्षा के मद में वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 72 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए लगभग 2,365 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए लगभग 6,591 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है जो वर्ष 2025-26 के मुकाबले सात प्रतिशत अधिक है। वहीं माध्यमिक शिक्षा में पिछले वर्ष के सापेक्ष इस बार 15 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 22,167 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा के मद में इस बार 77,622 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
खन्ना ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना के साथ ही सभी जिलों में एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि बजट विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विराट संकल्प को साकार करने का सशक्त रोडमैप है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार का यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को समर्पित है, जो उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्री ने बताया कि मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को उद्योगों से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि योगी सरकार का यह बजट छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षिक संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
भाषा आनन्द नोमान
नोमान

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