लखनऊ, चार फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश में राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ गया है। राज्य के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में इन परिंदों की संख्या बढ़कर 20 हजार 628 हो गयी है।
राज्य सरकार द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक, प्रदेश में वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे सार्थक कदमों के फलस्वरुप राज्य में साल दर साल सारस का कुनबा बढ़ता जा रहा है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने बताया कि राज्य में सारस की प्रतिवर्ष दो बार (ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन) गणना की जाती है।
उन्होंने बताया, “प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में कुल 20,628 सारस पाए गए। पिछले वर्ष हुई गणना में प्रदेश में सारसों की संख्या 19,994 थी। यानी इस बार इन परिंदों की संख्या में 634 की वृद्धि हुई है।”
वेमुरी ने बताया कि गणना से पहले वन विभाग कर्मियों द्वारा सारस बाहुल्य प्राकृतवास का सर्वेक्षण कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई। प्रदेश में शीतकालीन गणना कार्यक्रम में 10 हजार नागरिकों ने भी भाग लिया।
वेमुरी ने बताया, “ साल 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस थे। वर्ष 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 19,994 हो गई। अब इस शीतकालीन सत्र में प्रदेश में कुल सारसों की संख्या 20,628 दर्ज की गई है।”
वेमुरी के मुताबिक राज्यव्यापी गणना में इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस मिले। इसके साथ ही 10 वन प्रभागों में प्रत्येक में यह संख्या 500 से अधिक रही।
उन्होंने बताया कि वहीं, 29 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 100 से 500 तक रही जबकि इतने ही वन प्रभागों में 100 से कम सारस मिले।
भाषा सलीम नोमान
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