हरदोई (उप्र), एक अगस्त (भाषा) हरदोई जिले की संडीला पुलिस, ‘स्वाट’ और निगरानी इकाई की संयुक्त टीम ने दोहरे हत्याकांड में शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ़्तार करके अन्य तीन नाबालिगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
इन पर प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के कारण दो युवकों की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार दोनों युवकों की हत्या के मामले में पुलिस ने संडीला के तकिया निवासी कुलदीप और प्रमोद को गिरफ़्तार किया, जबकि तीन नाबालिगों को हिरासत में ले लिया।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने बताया कि 30 जुलाई को संडीला इलाके में अतरौली मार्ग पर तकिया-आटामऊ मार्ग के पास दो युवकों के शव मिले थे। मृतकों की पहचान अरुण चौरसिया और अभिषेक चौरसिया के तौर पर हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं।
एएसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि अरुण कथित तौर पर इस मामले में हिरासत में लिए गए नाबालिगों में से एक की बहन के संपर्क में था।
उन्होंने कहा कि इस रिश्ते से नाराज होकर नाबालिग और उसके साथियों ने अरुण को रास्ते से हटाने की साज़िश रची।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अरुण और अभिषेक को मिलने के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया। कुछ खाने-पीने के बाद वे सभी एक खाली घर की छत पर गए, जहां दोनों युवकों पर लाठियों, ईंट और पत्थरों से हमला किया गया।
पुलिस का आरोप है कि जब अभिषेक भागने की कोशिश करने लगा, तो आरोपियों ने उसका पीछा किया और उस पर हमला किया।
पुलिस ने कहा कि जब हमलावरों को पता चला कि अरुण अभी जिंदा है, तो उन्होंने कथित तौर पर अवैध हथियार से उसके चेहरे पर गोली मार दी।
गौतम ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ितों के मोबाइल फोन भी ले लिए थे। लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए उन्होंने फोन चालू रखे और कथित तौर पर दूसरों को सौंप दिए ताकि जांच करने वालों को गुमराह किया जा सके।
पूछताछ के दौरान, प्रमोद नाम के एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पहले अभिषेक के साथ हत्या के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के तरीकों पर चर्चा की थी। पुलिस इन दावों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीना ने जांच की निगरानी की। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन नाबालिगों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि एक अवैध तमंचा, एक खाली कारतूस, दो लाठियां और पीड़ितों के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
भाषा सं आनन्द संतोष
संतोष
संतोष