उप्र : विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया

उप्र : विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया

उप्र : विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया
Modified Date: August 4, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: August 4, 2026 5:08 pm IST

लखनऊ, चार अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने का निर्देश दिया।

मंगलवार को सदन की शुरुआत होने के साथ ही अयोध्‍या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सपा सदस्यों ने विरोध शुरू किया। शुरू के 10 मिनट बाद ही हंगामे के चलते अध्यक्ष ने सदन स्थगित कर दिया। 12 बजकर 20 मिनट तक सदन स्थगित होने की वजह से प्रश्नकाल का भी समय समाप्त हो गया। दोबारा सदन शुरू हुआ लेकिन सपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह व्यवस्था दी कि आसन के सामने जो लोग बैठे हैं, वह कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे। इस बीच, फिरोजाबाद जिले के जसराना विधानसभा क्षेत्र से चुने गये सदस्य इंजीनियर सचिन यादव अपने हाथों में एक बैनर लहरा रहे थे, जिस पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की तस्वीर थी।

सपा सदस्य सचिन यादव के विरोध प्रदर्शन से नाराजगी जाहिर करते हुए सतीश महाना ने उन्‍हें टोका। महाना ने सचिन यादव को पूरे सत्र से निलंबित करने का निर्देश दिया।

महाना ने कहा, ‘‘सचिन आप मुख्‍यमंत्री जी की तस्वीर के साथ ऐसा नहीं कर सकते हैं। आपको पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर निकाला जाता है। आप बाहर जाइए नहीं तो सदस्यता से बर्खास्त करा दूंगा।’’

अध्यक्ष के बार-बार कहने पर भी सपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा। महाना ने सदन बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

वहीं, नेता सदन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सपा सदस्‍यों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका आचरण न केवल असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है।

उधर, सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सपा विधायक सचिन यादव ने सदन से निष्कासित किये जाने के सवाल पर कहा, ‘‘हम लोग अखिलेश यादव जी के सिपाही हैं और कार्रवाई से नहीं डरते हैं, जनता की आवाज उठाने के लिए हैं, लेकिन आवाज को दबाने की कोशिश होगी तो हम जमकर विरोध करेंगे।’’

सचिन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर नियम 311 के तहत सदन में चर्चा की मांग की थी।

उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्‍यमंत्री ने कहा था कि दूध का दूध, पानी का पानी होगा, लेकिन कहां गया दूध, कहां गया पानी।

यादव ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई और इन्‍होंने सदन में चर्चा की मांग को ठुकरा दिया।

सपा विधायक ने कहा, ‘‘वे कह रहे हैं कि यह तात्कालिक मुद्दा नहीं है, लेकिन इससे महत्वपूर्ण मुद्दा क्‍या होगा, प्रभु श्री राम से जुड़ा मुद्दा है, यह जनता से, आस्था से जुड़ा मुद्दा है और लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई मंदिर निर्माण के लिए दी है। लोगों ने इस आस्था से चढ़ावा चढ़ाया कि रामजी के काम आएगा, लेकिन भाजपा के लोगों ने चढ़ावा चोरी करके भाजपा के दफ्तर में छुपाया।’’

यादव ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में छोटे लोगों का नाम शामिल किया गया लेकिन इसमें किसी बड़े आदमी का नाम शामिल नहीं है।

भाषा आनन्द राजकुमार शफीक

शफीक


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