समाजवादी पार्टी और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी : योगी आदित्यनाथ

समाजवादी पार्टी और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी : योगी आदित्यनाथ

समाजवादी पार्टी और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: August 4, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: August 4, 2026 4:28 pm IST

लखनऊ, चार अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन नेता मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने विपक्ष खासतौर से समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच कहा कि सपा और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक है, बल्कि शर्मनाक भी है।

विधानसभा में मंगलवार को दूसरे दिन सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने आ गये और राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर नारेबाजी करने लगे। सदन में हंगामा जारी रहने और अनुरोध के बाद भी सदस्यों के अपने आसन पर न जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए सदन स्थगित कर दिया। इस बीच सपा सदस्य आसन के सामने ही धरने पर बैठे रहे।

करीब सवा घंटे बाद 12 बजकर 20 मिनट पर अध्यक्ष ने दोबारा सदन की शुरुआत की और सदस्यों से आसन पर जाने पर अनुरोध किया लेकिन वे नहीं माने। सपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए लिये 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। महाना प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का बार-बार अनुरोध करते रहे । इस बीच विधायी कार्य भी होते रहे।

सपा सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच मुख्‍यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा,‘‘ राज्य की 25 करोड़ जनता की भावनाओं को ध्‍यान में रखकर उनके हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा परिचर्चा हो, इसके लिए एक बेहतरीन अवसर सभी सदस्यों के पास था। लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर जिन लोगों का विश्वास नहीं है, वे लोग लगातार संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली सभी संस्थाओं की अवमानना और अपमान करते हैं।”

योगी आदित्‍यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक है, बल्कि शर्मनाक भी है। उन्‍होंने कहा कि पहले से दलीय नेताओं की बैठक में जो एजेंडा सदन का तय किया गया था, उस एजेंडे के अनुसार सदन में विधायी कार्य हों, अनुपूरक बजट से जुड़ें प्रस्‍ताव हों, उस पर भी विरोधी दलों ने कोई रुचि नहीं दिखाई बल्कि अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन के बहुमूल्य समय को ये लोग ध्वस्त करना चाहते हैं।

सदन के नेता योगी ने कहा, ‘‘ सदन प्रारंभ होने के पहले ही दलीय नेताओं की बैठक में सत्‍ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने और मैंने भी इस बात के लिए आश्‍वस्‍त किया कि नियम के अंतर्गत जो भी प्रस्‍ताव सदन के अंदर आएंगे, हम उन पर चर्चा भी कराएंगे और सरकार उनका जवाब भी देंगी।”

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि इनका (सपा सदस्‍यों) न चर्चा में विश्‍वास है, न संवैधानिक मूल्‍यों पर और न ही सदन की उच्‍च परंपराओं पर, इसलिए इनके द्वारा लगातार सदन को अव्‍यस्थित कर राज्य की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

मुख्‍यमंत्री के भाषण के दौरान लगातार विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही और सपा सदस्‍यों के इस व्‍यवहार पर नाराजगी जाहिर करते हुए अध्‍यक्ष ने सदन को बुधवार तक के लिए स्‍थगित कर दिया। अब सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

बाद में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सदन से बाहर पत्रकारों से कहा कि विपक्ष ने सदन के नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग की, जबकि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पूरे राज्य ने आज विधानसभा में विपक्ष का व्यवहार देखा है। यह न केवल सदन का अपमान है, बल्कि अलोकतांत्रिक और शर्मनाक भी है।’

विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि अदालत, न्यायाधिकरण या आयोग के समक्ष लंबित मामलों पर आमतौर पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती, जब तक कि अध्यक्ष विशेष परिस्थितियों में इसकी अनुमति न दें।

उन्होंने कहा कि सपा ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक और सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार को आश्वासन दिया था कि वह जिन मुद्दों को उठाना चाहती है, उनके लिए निर्धारित नियमों के तहत नोटिस देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे (सपा सदस्यों) बार-बार कहा कि वे सदन के नियमों के अनुसार यह मुद्दा उठाएं, लेकिन इसके बजाय उन्होंने कार्यवाही में बाधा डाली और अध्‍यक्ष पीठ का अनादर किया।

उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में कथित अनियमितताओं की खबरें आने के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 12 जून को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रस्ट का गठन शीर्ष अदालत के निर्देशों के तहत किया गया था, इसलिए राज्य सरकार ट्रस्ट के अनुरोध या अदालत के निर्देशों के बिना खुद से इसमें दखल नहीं दे सकती थी।

आदित्यनाथ ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 13 जून को एक विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया और 15 जून को जांच शुरू हुई।

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि एसआईटी ने 23 जून को अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद सरकार ने उसकी सिफारिशें ट्रस्ट को भेज दीं।

उन्होंने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर, 25 जून को अयोध्या में प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से छह लोग कथित तौर पर चढ़ावे के पैसे के गबन में सीधे तौर पर शामिल पाए गए, जबकि दो अन्य को मामले से जुड़ी कथित भूमिकाओं के लिए पकड़ा गया।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘एक जनहित याचिका के जरिए मामला उच्चतम न्यायालय के सामने आने के बाद, अदालत की निगरानी में जांच चल रही है।’

भाषा आनन्द राजकुमार

राजकुमार


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