लखनऊ, दो जनवरी (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने हर जिले में वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक समिति गठित की है जो यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटे और कोई फर्जी नाम न जोड़ा जाए। कांग्रेस ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान के मुताबिक कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी पार्टी महासचिव अविनाश पाण्डेय के निर्देश एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के अनुमोदन के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाये गये नामों की निगरानी के लिए हर जिले में जिला/शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के सहयोग में वरिष्ठ नेताओं की समिति गठित की गयी है।
बयान के अनुसार समिति एसआईआर गतिविधियों पर नजर रखेगी एवं कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर काटे हुए नामों का भौतिक सत्यापन करेगी। समिति के लोग यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी वैध मतदाता का नाम न कटे और फर्जी कोई नाम न जुड़े।
राय ने कहा कि संविधान ने आम आदमी को सबसे मजबूत अस्त्र वोट का अधिकार दिया है और पिछले दिनों हमारे नेता राहुल गांधी जी ने आंकड़ों के साथ साबित किया है कि भाजपा और निर्वाचन आयोग के नापाक गठजोड़ से बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा में वोट चोरी हुई।
राय ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश के हर कांग्रेसजन को एक माह निरंतर गरीब, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और अल्पसंख्यक समुदाय की मदद कर उनके वोट की रक्षा करनी है, क्योंकि भाजपा जानती है कि इस वर्ग में अधिकतर उनके मतदाता नहीं हैं और वे भाजपा की गरीब विरोधी नीतियों से त्रस्त हैं।
गत मंगलवार को, निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्यक्रम में बदलाव किया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि अब मसौदा मतदाता सूची छह जनवरी, 2026 को और अंतिम सूची छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नए कार्यक्रम के अनुसार, छह जनवरी से छह फरवरी तक आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए जाएंगे।
रिनवा ने कहा कि नोटिस जारी करने, आपत्तियों और दावों का निपटारा करने एवं गणना प्रपत्रों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया छह जनवरी से 27 फरवरी तक जारी रहेगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची में लगभग 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम होने की उम्मीद है, जिनमें से लगभग 2.89 करोड़ नाम मृत्यु, निवास स्थान परिवर्तन या अन्यत्र नामांकन के कारण पूर्व एसआईआर सूची से हटा दिए गए हैं।
भाषा आनन्द राजकुमार
राजकुमार