लखनऊ, नौ जुलाई (भाषा) लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की नामित अदालत ने बृहस्पतिवार को शहर के अलीगंज इलाके स्थित एक ‘अवैध’ व्यावसायिक इमारत को ढहाने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पिछले महीने इस इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने इमारत मालिक के वकील की करीब डेढ़ घंटे तक दलीलें सुनीं और इसके बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
फैसला शुक्रवार को सुनाए जाने की संभावना है।
अधिकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान बार-बार इस बात पर दलीलें दी गईं कि अलीगंज के सेक्टर-डी में इस इमारत को आवासीय ढांचे के रूप में मंजूरी मिली थी लेकिन भवन नियमों का कथित रूप से उल्लंघन करते हुए इसका अवैध रूप से बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारी ने यह भी बताया कि घटना की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने डी जोन में तैनात सभी अधिकारियों का विवरण मांगा है, जहां यह इमारत स्थित है।
इसमें इलाके में निर्माण गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
मांगी गई जानकारी में अधिकारियों की तैनाती की अवधि, उनकी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां तथा तैनाती के दौरान कथित लापरवाही से जुड़ी जानकारी शामिल है। आग लगने के एक दिन बाद 23 जून से ही इमारत को गिराने की कार्रवाई चल रही है।
एलडीए ने भवन उपनियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए नया ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किया है।
भाषा जितेंद्र
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