सोनभद्र, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में नाबालिग आदिवासी लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को स्थानीय अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाने का आदेश भी दिया। अर्थदंड की राशि में से अस्सी हज़ार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश अदालत ने दिया साथ ही अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का आदेश दिया। यह मामला चार साल पहले का है।
शासकीय अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि ने बताया कि ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव के निवासी एक व्यक्ति ने छह दिसंबर 2021 को ओबरा थाने पर एक लिखित तहरीर देकर सूचित किया कि उसकी 14 वर्षीया पौत्री को पांच दिसंबर की शाम 7.30 बजे जलील मोहम्मद पुत्र साबिर अली एवं तीन अन्य नाबालिगों द्वारा अरहर के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
वादी ने पुलिस को बताया कि पीड़िता द्वारा शोर करने पर आसपास के लोगों के पहुंचने पर सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी तथा विवेचना में पर्याप्त आधार मिलने पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
प्रकरण में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के पश्चात दोषी पाए गए जलील मोहम्मद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अधिवक्ता प्रसाद ने बताया कि अन्य तीन नाबालिग आरोपियों के विरुद्ध मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
भाषा
सं, जफर रवि कांत