बलिया, 23 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक विशेष अदालत ने 10 वर्षीय एक दलित लड़के से कथित तौर पर कुकर्म के साढ़े चार साल पुराने मामले में मंगलवार को एक युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अभियोजन अधिकारी विमल कुमार राय ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रथमकांत ने मंगलवार को मुकदमे में सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी रितेश गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
राय ने बताया कि बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले लड़के को उसी के गांव में रहने वाला आरोपी नौ दिसम्बर 2021 की शाम एक व्यक्ति की छत पर ले गया और उससे कुकर्म किया।
उन्होंने बताया कि लड़के के दादा की तहरीर पर घटना के अगले दिन सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया और सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को दोषी को सजा सुनाई गयी।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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