UP Police News: एसएसपी का बड़ा एक्शन, इस जिले में एक साथ 42 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जानें किस मामले में लिया गया एक्शन

UP Police News: एसएसपी का बड़ा एक्शन, इस जिले में एक साथ 42 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जानें किस मामले में लिया गया एक्शन

UP Police News: एसएसपी का बड़ा एक्शन, इस जिले में एक साथ 42 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जानें किस मामले में लिया गया एक्शन

UP Police News: एसएसपी का बड़ा एक्शन, इस जिले में एक साथ 42 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जानें किस मामले में लिया गया बड़ा एक्शन /image: AI Generated

Modified Date: August 4, 2026 / 11:09 am IST
Published Date: August 4, 2026 11:08 am IST
HIGHLIGHTS
  • गोरखपुर SSP ने दो चौकी प्रभारियों समेत 42 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया
  • कार्रवाई में 7 उपनिरीक्षक, 2 मुख्य आरक्षी और 33 आरक्षक शामिल हैं
  • विभागीय जांच शुरू, आरोप साबित होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी

गोरखपुर। UP Police News Today: यूपी में बढ़ते अपराध के बीच अब कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त हो गई है। कार्य में लापरवाही करने वाले पुलिसवालों पर एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने शुक्रवार की रात बड़ी कार्रवाई की है। SSP ने दो चौकी प्रभारी समेत 42 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जिसमें विश्वविद्यालय और ट्रांसपोर्टनगर चौकी प्रभारियों समेत सात उपनिरीक्षकों (दारोगा), दो मुख्य आरक्षियों और 33 आरक्षक शामिल है।

एसएसपी ने विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी गिरीश मिश्र, ट्रांसपोर्टनगर चौकी प्रभारी विजय प्रताप सिंह, कैंट थाने में तैनात शशि रंजन, गुलरिहा के अभिषेक कुशवाहा, खजनी के ओमप्रकाश, कैंपियरगंज के अमित सिंह तथा रामगढ़ताल के उपेंद्र कुमार, इसके आलावा गोरखनाथ के मुख्य आरक्षी राजेश सिंह तथा कोतवाली के मुख्य आरक्षी आशुतोष यादव को लाइन हाजिर किया गया है।

UP Police News Today साथ ही तिवारीपुर, एम्स चौकी, शाहपुर, गगहा, खजनी, कैंपियरगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, सिकरीगंज, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बेलीपार, पिपराइच, उरुवा, राजघाट, कैंट, गुलरिहा, गोला, बड़हलगंज और चौरीचौरा में तैनात कुल 33 पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी ने बताया कि विभागीय जांच की समीक्षा शुरू कर दी गई है, साथ ही आरोप प्रमाणित होने पर सभी को बर्खाश्त किया जाएगा।

क्या होता है लाइन हाज़िर का मतलब?

UP Police News Today  लाइन हाजिर का मतलब ये है कि पुलिसकर्मी को उस थाने से हटा दिया जाता है, जहां वो ड्यूटी करता था। उसकी ड्यूटी सीधे पुलिस मुख्यालय में लगा दी जाती है। इस दौरान ना तो पुलिसकर्मी से कोई बड़ा काम कराया जाता है, ना ही उसे किसी केस में शामिल किया जाता है जब तक उस पर लगे आरोप हट नहीं जाते।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.