UP Political News: ‘राजनीति से संन्यास ले सकती हूं लेकिन’.. BSP सुप्रीमो मायावती ने दूर की मुस्लिम समाज की ये चिंता! चुनाव को लेकर किया ये बड़ा दावा

'राजनीति से संन्यास ले सकती हूं लेकिन'.. BSP सुप्रीमो मायावती ने दूर की मुस्लिम समाज की ये चिंता! UP Political News: Mayawati on alliance with BJP

UP Political News: ‘राजनीति से संन्यास ले सकती हूं लेकिन’.. BSP सुप्रीमो मायावती ने दूर की मुस्लिम समाज की ये चिंता! चुनाव को लेकर किया ये बड़ा दावा

Mayawati on Alliance with BJP. Image Source- IBC24 Archive

Modified Date: February 24, 2026 / 11:54 am IST
Published Date: February 24, 2026 11:54 am IST

लखनऊः Mayawati on Alliance with BJP : साल 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव की तैयारी में बहुजन समाज पार्टी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इस बीच पार्टी के एक्स हैडंल पर पोस्ट सुप्रीमो मायावती के एक बयान ने प्रदेश का सियासी पारा हाई कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं मुस्लिम समाज को साफ-साफ बता देना चाहती हूँ कि मैं राजनीति से संन्यास ले सकती हूँ, लेकिन भाजपा से मिलकर चुनाव कभी नहीं लड़ूँगी। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में बीएसपी अकेले ही चुनाव लड़ेगी किसी भी पार्टी के साथ किसी भी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं।


इससे पहले रविवार को मायावती ने पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में संगठन को मजबूत बनाने व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि वे ‘‘गुलाम मानसिकता’’ वाले ‘‘बिकाऊ लोगों’’ से सावधान रहें। उन्होंने कहा,‘‘बहुजन समाज के उत्थान के बजाय, अपने थोड़े से स्वार्थ के लिए कार्य करने वाले गुलाम मानसिकता व बिकाऊ लोगों से सावधान रहें। ऐसे लोग बसपा के कारण ही आगे बढ़े। वे जब बसपा के नहीं हुये तो वे समाज के सच्चे हितैषी कैसे हो सकते हैं? ऐसे लोगों तथा उन्हें शरण देने वाली पार्टियों से भी अति सावधानी जरूरी है।’’ माना जा रहा है कि मायावती का यह परोक्ष निशाना कभी सबसे करीबी सहयोगी रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर था जो हाल में ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।

विरोधियों पर साधा निशाना

Mayawati on Alliance with BJP मायावती ने बैठक में विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों की सरकारों की गरीब, किसान और बहुजन विरोधी, संकीर्ण, शोषणकारी और द्वेष पूर्ण नीतियों और भ्रष्ट क्रियाकलापों तथा कथनी एवं करनी में अंतर के कारण वे अपनी विश्वसनीयता तेजी से खो रहे हैं, लिहाजा बसपा से जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी जैसे-जैसे और जहां-जहां मजबूत होती जाएगी, विरोधियों के षडयंत्र भी लगातार बढ़ते जाएंगे, जिसका डट कर सामना करते हुये कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ते रहना है और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ प्राप्त करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। मायावती ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर देश में उभरी चिन्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई देशों द्वारा अपने आपको ‘फर्स्ट’ बनाने हेतु जो गला काट प्रतिस्पर्धा जारी है उसने शोषणकारी विश्व व्यवस्था को और गहरे संकट में डाल दिया है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।