हरदोई, 28 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश और खराब मौसम के कारण अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 330 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इस बीच, अत्यधिक बारिश को लेकर एक युवक ने हरदोई के जिलाधिकारी (डीएम) से भगवान इंद्र के खिलाफ शिकायत की है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने सोमवार को बताया कि 25 सितंबर से हुई अतिवृष्टि से जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। जलभराव हटाया जा रहा है तथा सड़क और बिजली व्यवस्था बहाल की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि के कारण पांच लोगों और सर्पदंश से दो लोगों की मौत हुई है। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 25 से 27 सितंबर के बीच अतिवृष्टि, सर्पदंश और अन्य घटनाओं में सात लोगों की मौत हुई है, जबकि सात अन्य लोग घायल हुए हैं। बारिश के कारण 30 मवेशियों की मौत और 330 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।
प्रशासन के अनुसार संडीला तहसील सबसे अधिक प्रभावित रही, जहां दो लोगों की मौत, छह लोगों के घायल होने और 87 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
जिले में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद प्रशासन और राहत दलों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया। जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, राशन और ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच, हरदोई जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। मल्लावां ब्लॉक के नेवादा परस गांव निवासी सूरज तिवारी नामक एक युवक ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी को भगवान इंद्रदेव के खिलाफ शिकायत भेजी है।
शिकायत में सूरज ने आरोप लगाया कि कभी तेज तो कभी धीमी बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उसने कहा कि ”इंद्रदेव बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बारिश कराकर आम जनता को परेशानी में डाल रहे हैं” और इस मामले में डीएम से हस्तक्षेप की मांग की।
इस शिकायत को सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं और इसे एक अलग तरह का व्यंग्य माना जा रहा है।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत