उप्र दिवस-2026 : प्रदेश की पांच विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान

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उप्र दिवस-2026 : प्रदेश की पांच विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 12:11 AM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 12:11 AM IST

लखनऊ, 23 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रौशन करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित करेगी।

इस साल गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाली हस्तियों में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तीकरण और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

एक बयान के मुताबिक उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मुख्य समारोह का आयोजन इस वर्ष राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य समारोह का उद्घाटन शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का नाम रौशन करने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष जिन विभूतियों को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा, उनमें अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तीकरण और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं।

गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वाली विभूतियों में राजधानी लखनऊ निवासी अंतरिक्ष यात्री एवं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा प्रक्षेपण के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचकर इतिहास रचा था। उनकी यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली है।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले प्रयागराज निवासी अलख पांडेय को उप्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। अलख पांडेय ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए वर्ष 2016 में ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी।

वर्ष 2020 में लॉन्च किए गए इसी नाम के ऐप ने किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर करोड़ों छात्रों को लाभान्वित किया। वर्ष 2022 में उनकी कंपनी भारत की छठी एडुटेक यूनिकॉर्न बनी।

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बुलंदशहर के बुटना गांव में जन्मे डॉ. हरिओम पंवार इस वर्ष उप्र गौरव सम्मान प्राप्त करने वाली तीसरी विभूति हैं।

मेरठ महाविद्यालय में विधि के प्रोफेसर रहे डॉ. पंवार की कविताएं ‘काला धन’, ‘घाटी के दिल की धड़कन’, ‘मैं मरते लोकतंत्र का बयान हूं’ और ‘बागी हैं हम, इंकलाब के गीत सुनाते जाएंगे’ समाज को जाग्रत करने वाली रचनाएं हैं।

उन्हें निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनकी साहित्यिक कृतियों से होने वाली आय का उपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्ग के कल्याण में किया जाता है।

महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मेरठ के नारंगपुर में 22 अक्टूबर 2007 को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना करने वाली रश्मि आर्य को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनका गुरुकुल वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय है। यहां संस्कृत, वैदिक शिक्षा, हवन, संगीत के साथ-साथ इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाती है।

गुरुकुल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं, गीता-अष्टाध्यायी प्रतियोगिताओं, योग, धनुर्विद्या और जंप रोप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में यहां 600 से अधिक जरूरतमंद बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।

कृषि क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए वाराणसी निवासी डॉ. सुधांशु सिंह को उप्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से स्वर्ण पदक के साथ कृषि में स्नातक किया तथा फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। फ्लड-टॉलरेंट सब-1 चावल पर उनके शोध ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

भाषा

जफर रवि कांत