बलिया में दिव्यांग छात्रा का इलाज करायेगी उत्तर प्रदेश सरकार : जिलाधिकारी

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बलिया में दिव्यांग छात्रा का इलाज करायेगी उत्तर प्रदेश सरकार : जिलाधिकारी

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 06:01 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 06:01 PM IST

बलिया, तीन सितम्बर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सात वर्षीय दिव्यांग छात्रा रागिनी के इलाज का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि की।

जिलाधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि रागिनी के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उसके इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को रागिनी की चिकित्सीय जांच के लिए चिकित्सकों की एक टीम उसके घर गई थी और इस दौरान एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ने उसकी जांच की।

अधिकारी ने बताआ कि नसों की जांच के लिए उसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अस्पताल भेजा जाएगा।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें रागिनी एक पैर के सहारे स्कूल जाती हुई दिखाई दे रही थी।

वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी बुधवार को उसके घर पहुंचे और उन्होंने रागिनी को दो ट्राईसाइकिल के साथ किताबें, बैग और खिलौने भी उपलब्ध कराए। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रयास है कि बच्ची को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बच्ची के इलाज में होने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रागिनी का दाये पैर के निचले हिस्से की दो हड्डियां टूट गई थीं, जो जुड़ नहीं पाईं।

उन्होंने बताया कि बच्ची के पैर के तीन बार ऑपरेशन किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली।

डॉ. राय ने बताया कि वर्तमान में रागिनी का दायां पैर बाएं पैर से छोटा है, उसकी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं और इससे पंजा भी कमजोर पड़ रहा है तथा नसें भी ठीक से काम नहीं कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि नसों की जांच के लिए रागिनी को बीएचयू भेजा जाएगा, क्योंकि बलिया में यह जांच उपलब्ध नहीं है।

रागिनी की मां बबीता देवी ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि जब उनकी बेटी छह महीने की थी, तब वह उसे गोद में लेकर दवा लेने जा रही थीं और रास्ते में हुई एक दुर्घटना में रागिनी का एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था।

उन्होंने बताया कि कई जगह इलाज कराने के बावजूद रागिनी का पैर ठीक नहीं हो सका।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र