लखनऊ, 16 सितंबर (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने बुधवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश कभी अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह नफरत और बुलडोजर का प्रतीक बन गया है।
वह वामपंथी संगठन के समर्थन वाली ‘जेन-जी महाजुटान यात्रा’ को संबोधित कर रही थीं, जो बुधवार को लखनऊ पहुंची।
नेहा बोरा ने कैसरबाग स्थित गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कभी अपनी संस्कृति, संघर्ष और एकता के लिए जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश अब ‘नफरत और बुलडोजर का प्रतीक’ बन गया है।
बोरा ने कहा, ”आज पूरे देश में उत्तर प्रदेश की पहचान नफरत और बुलडोजर तक सिमट कर रह गई है।”
इस कार्यक्रम में कई छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यह आइसा के उस जन-संपर्क अभियान का हिस्सा था, जिसका मकसद छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को एक व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है।
‘महाजुटान यात्रा’ की शुरुआत गत नौ अगस्त को इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई थी और लखनऊ पहुंचने से पहले यह यात्रा कई जिलों से गुजरी।
कार्यक्रम के दौरान गांधी भवन के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
लखनऊ का यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में आइसा के जन-संपर्क अभियान के बाद आयोजित किया गया और इस अभियान के दौरान छात्र संगठन ने बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय और सरकारी भर्ती परीक्षाओं व नियुक्तियों में अनियमितताओं जैसे मुद्दों को उठाया है।
नेहा इस साल जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर उभरी थीं, जहां उन्होंने परीक्षा में अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 23 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। बाद में यह विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी फैल गया।
भाषा चंदन सलीम गोला
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