उप्र : पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, 29 मार्च से और अधिक बारिश होने का अनुमान

उप्र : पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, 29 मार्च से और अधिक बारिश होने का अनुमान

उप्र : पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, 29 मार्च से और अधिक बारिश होने का अनुमान
Modified Date: March 27, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: March 27, 2026 10:40 pm IST

लखनऊ, 27 मार्च (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को हल्की बारिश हुई। विभाग के अनुसार, 29 मार्च से एक अप्रैल के बीच राज्य में बारिश का नया और अधिक सक्रिय दौर शुरू होने का अनुमान है।

मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी बयान के अनुसार, मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बारिश और बूंदाबांदी से प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि, इस प्रणाली के कमजोर पड़ने के बाद 28 और 29 मार्च के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से छह डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिर तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।

आईएमडी के मुताबिक, 29 मार्च की देर शाम या रात से बारिश का ताजा दौर शुरू हो सकता है, जो मार्च के अंत तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में भी दो से चार डिग्री सेल्सियस तक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक है। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच शहर में 2.6 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई।

अन्य स्थानों में शाहजहांपुर में तीन मिमी और मुजफ्फरनगर में छह मिमी वर्षा दर्ज की गई। हरदोई, कानपुर, गोरखपुर और बरेली समेत कई जिलों में हल्की बारिश की सूचना है।

मौसम विभाग ने 28 मार्च के लिए लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और मौसम के मुख्यतः साफ रहने का अनुमान जताया है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस अवधि में प्रदेश में शुष्क मौसम रहेगा और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

इस बीच, अधिकारियों ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत टोल-फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की सूचना देने की सलाह दी है। किसान मोबाइल एप, आधिकारिक पोर्टल और व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए किसान जिला कृषि अधिकारियों या बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से भी संपर्क कर सकते हैं।

भाषा

चंदन जफर रवि कांत


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