वाराणसी के स्कूलों में तमिल भाषा की नियमित कक्षाएं चलाने की तैयारी

वाराणसी के स्कूलों में तमिल भाषा की नियमित कक्षाएं चलाने की तैयारी

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  • Publish Date - January 11, 2026 / 03:18 PM IST,
    Updated On - January 11, 2026 / 03:18 PM IST

वाराणसी (उप्र), 11 जनवरी (भाषा) काशी-तमिल संगमम के बाद वाराणसी के स्कूलों में तमिल भाषा की अब नियमित कक्षाएं संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही तमिलनाडु के छात्रों को भी हिंदी सिखाने के लिए 50 अध्यापकों को भी तमिलनाडु भेजने की तैयारी है।

राजकीय क्वींस कॉलेज के प्राचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों इसी विद्यालय की छात्रा पायल पटेल के तमिल भाषा सीखने और बोलने की प्रशंसा की थी और इसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल में तमिल भाषा सिखाने के लिए सायंकालीन कक्षा चलाने का निर्देश दिया है।

उन्होंने बताया कि ऐसे में प्रधानमंत्री के सांस्कृतिक एकीकरण की सोच को ध्यान में रखते हुए तमिल भाषा की कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी।

श्रीवास्तव ने बताया, ‘इसके लिए हमने हमारी छात्रा पायल पटेल को तमिल भाषा सिखाने वाली तमिलनाडु की संध्या कुमार साई से बात की है। वह हमारे विद्यालय में तमिल की ऑनलाइन कक्षा लेने के लिए तैयार हो गयी हैं। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के तमिल विभाग के अध्यक्ष से भी इस विषय पर बात की गयी है। वह भी सहयोग करेंगे।”

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही यहां के 50 शिक्षकों को भी हिंदी सिखाने के लिए तमिलनाडु भेजने की तैयारी की जा रही है और इसको लेकर वाराणसी के मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी ने स्कूलों के साथ बैठक में इस विषय में बात हो चुकी है।

प्रधानमंत्री ने पिछले महीने की 28 तारीख को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में वाराणसी के क्वींस कॉलेज की छात्रा पायल पटेल का जिक्र किया था। इसी को देखते हुए अब राजकीय क्वींस कॉलेज में रोज शाम को तमिल भाषा की एक कक्षा चलाने की तैयारी की जा रही है।

श्रीवास्तव ने बताया कि राजकीय क्वींस कॉलेज वाराणसी में नव वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने प्रधानमंत्री के काशी तमिल संगमम के विजन को आत्मसात करते हुए मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तमिल भाषा में नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कीं और इस का नेतृत्व छात्रा पायल पटेल ने किया।

हरीश चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी ने बताया कि तमिल संगमम के समय उनके कॉलेज में 15 दिन की तमिल भाषा की कक्षा का संचालन किया गया था जिसमें 50 छात्राओं ने भाग लिया था।

तिवारी ने बताया, ‘छात्रों में तमिल भाषा सीखने की ललक को देखते हुए हम कॉलेज में तमिल का एक पाठ्यक्रम शुरू करने का सोच रहे है। अभी स्कूल में छुट्टियां चल रही है। अब अगले सत्र में इस भाषा को सिखाने का पाठ्यक्रम शुरू करेंगे।’

भाषा सं. सलीम नोमान

नोमान