Swami Avimukteshwaranand News: ‘मैं नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं’, यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान

Ads

Swami Avimukteshwaranand News: अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा - सच्चाई का पता लगाने के लिए ‘नार्को टेस्ट’ जरूरी है तो वह इसके लिए तैयार

  •  
  • Publish Date - February 27, 2026 / 09:49 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 10:09 PM IST

Swami Avimukteshwaranand News/ Image Source : IBC24 / FILE

HIGHLIGHTS
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन शोषण मामले में मिली बड़ी राहत।
  • इलाहबाद हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
  • अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा - सच्चाई का पता लगाने के लिए ‘नार्को टेस्ट’ जरूरी हो तो वह इसके लिए तैयार हैं।

Swami Avimukteshwaranand News: वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के तहत दर्ज मामले में यदि सच्चाई का पता लगाने के लिए ‘नार्को टेस्ट’ जरूरी हो तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यदि नार्को टेस्ट से सच्चाई सामने आ सकती है तो यह अवश्य किया जाना चाहिए। (Swami Avimukteshwaranand News) सच उजागर करने के लिए जो भी तरीके उपलब्ध हैं, उन्हें अपनाया जाना चाहिए।”

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ‘नार्को टेस्ट’ एक वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया है, जिसमें किसी संदिग्ध को ‘सोडियम पेंटोथल’ जैसी दवा दी जाती है। इसके असर से वह पूरी तरह होश में नहीं रहता, लेकिन सवालों के जवाब दे सकता है जिससे उसके सच बोलने की संभावना बढ़ जाती है। यह परीक्षण अदालत की अनुमति और व्यक्ति की सहमति के बाद (Swami Avimukteshwaranand News) विशेषज्ञों की निगरानी में ही होता है।

झूठ अधिक समय तक नहीं टिकता: अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

Swami Avimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीने कहा, “झूठ अधिक समय तक नहीं टिकता। जिन्होंने झूठी कहानी गढ़ी है, वे बेनकाब हो रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों को इस मनगढ़ंत मामले की जानकारी होगी, सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।” मेडिकल जांच रिपोर्ट से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “एक मेडिकल रिपोर्ट हमारी संलिप्तता कैसे साबित कर सकती है? कहा जा रहा है कि रिपोर्ट से दुराचार सिद्ध हुआ है। यह किसी का कथन हो सकता है, लेकिन इतने दिनों बाद की गई मेडिकल जांच का क्या महत्व है?” उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत घटना हुई भी हो, तो इससे स्वतः यह सिद्ध नहीं होता कि उसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, “जो बच्चा कभी हमारे पास आया ही नहीं, उसे हमारे नाम से जोड़ना आसान नहीं है।’’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाया आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि बच्चे शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ रह रहे थे ।(Swami Avimukteshwaranand News)  उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें किशोर गृह क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि बच्चों को हरदोई के एक होटल में रखा गया था और उन्हें पत्रकारों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने पुलिस पर शिकायतकर्ता को संरक्षण देने और उनके खिलाफ बयान तैयार कराने का आरोप लगाया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “कहानी कितनी भी मनगढ़ंत क्यों न हो, सच्चाई अंततः सामने आएगी।”

कोर्ट ने लगाई अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक

Swami Avimukteshwaranand News:  इससे पहले गुरूवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज मामले को “झूठा” बताते हुए आरोप लगाया था कि यह उन्हें बदनाम करने और दुनिया भर में चर्चित ‘‘एप्स्टीन फाइल्स’’ से ध्यान भटकाने का प्रयास है। इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के बाद वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में उनके शिष्य और भक्तों ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर न्यायलय के इस फैसले पर अपनी ख़ुशी जताई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा ,”यह मुकदमा झूठा बनाया गया है। मुझे नयाय की उम्मीद हमेशा से रही है। हमारे वकीलों ने उच्च न्यायालय में अपनी बात रखी। बटुक कभी आश्रम में रहे ही नहीं है। इस घटना से पूरा हिन्दू समुदाय आहत था। न्यायालय के फैसले का हम स्वागत करते है।” उन्होंने कहा कि शंकराचार्य नाम की संस्था को बदनाम करने के लिए सब साजिश रची गई थी।

इन्हे भी पढ़ें:-