योगी और गडकरी ने उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की

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योगी और गडकरी ने उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 11:45 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 11:45 PM IST

लखनऊ, 13 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है और इससे निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है, इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन संबंधी स्वीकृतियों, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कर सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जबकि लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नयी परियोजनाओं को मंजूरी मिली और 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया।

बैठक में प्रदेश की प्रमुख निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत वाली मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, 5,904 करोड़ रुपये की आगरा-अलीगढ़ चार लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) को जोड़ने वाली छह लेन संपर्क परियोजना तथा मुरादाबाद-काशीपुर चार और छह लेन परियोजना पर निर्धारित समयसीमा के अनुरूप काम किया जा रहा है।

बरेली बाईपास परियोजना की समीक्षा के दौरान पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठा। इस पर गडकरी ने कहा कि पेड़ों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर बल दिया।

बैठक में पूर्वी, मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र की संपर्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि सोनौली-गोरखपुर चार लेन परियोजना, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज दक्षिणी रिंग रोड तथा प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

अयोध्या रिंग रोड परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इसके पूरा होने पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक निर्बाध संपर्क उपलब्ध होगा और शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रामवन गमन मार्ग, राम-जानकी मार्ग तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या-गोंडा तथा रीवा-रांची चार लेन राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी गलियारा पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को नयी दिशा देगा तथा औद्योगिक विकास, निवेश, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

भाषा आनन्‍द खारी

खारी