Haldwani News: ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, दिलाया नशे को ‘ना’ जीवन को ‘हां’ का संकल्प

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Haldwani News: ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, दिलाया नशे को 'ना' जीवन को 'हां' का संकल्प

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 11:38 AM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 11:38 AM IST

Haldwani News | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • हल्द्वानी में हजारों युवाओं ने नशामुक्त उत्तराखण्ड रैली में भाग लिया
  • मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति की शपथ दिलाई और युवाओं को जागरूकता का संदेश दिया
  • राज्य सरकार मिशन मोड में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और ATF केंद्र चला रही है

हल्द्वानी: Haldwani News मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी में नशामुक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली (Run for Awareness Rally) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।

Haldwani News एमबी इंटर कॉलेज मैदान से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की यह दौड़ मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प की दौड़ है। यह संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए कि उत्तराखण्ड का युवा अब नशे को ‘ना’ कह रहा है और जीवन को ‘हाँ’ कह रहा है।

उन्होंने कहा कि नशा एक “साइलेंट वार” की तरह फैल रहा है और इसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। मजाक-मजाक में युवा नशे की चपेट में आ जाते हैं और वहां से लौटना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को संकट में डाल देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार इस दिशा में मिशन मोड में काम कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा सैकड़ों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है। साथ ही एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी ATF केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ बनाए गए हैं, जो युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि नशे के विरुद्ध यह लड़ाई केवल कानून बनाने से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हम सभी संकल्प लें कि स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों व समाज को भी जागरूक करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औपचारिकता से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से ही हम ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड’ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में डॉ. स्वामी रामेश्वरम हरि जी, आरएसएस संपर्क प्रमुख उत्तर क्षेत्र डॉ. हरीश रौतेला, श्याम अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, किसान आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भारत भूषण, डॉ. अशोक पाल, शंकर कोरंगा, शांति महरा, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, ध्रुव रौतेला, सुरेश भट्ट, पूर्व मेयर योगेंद्र सिंह रौतेला सहित आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, DM ललित मोहन रयाल, SSP डॉ. मंजूनाथ टी सी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

इन्हें भी पढ़े:-

‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का उद्देश्य क्या है?

युवाओं और समाज को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प लेना।

नशामुक्त उत्तराखण्ड अभियान कब शुरू हुआ?

यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने आगे बढ़ाया।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की भूमिका क्या है?

यह टास्क फोर्स मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, आरोपियों की गिरफ्तारी और नशे के खिलाफ कार्रवाई करती है।