Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार इतिहास रचेगी स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की दिव्य साधना, हरिद्वार पर रहेंगी दुनिया की निगाहें

Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार इतिहास रचेगी स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की दिव्य साधना, हरिद्वार पर रहेंगी दुनिया की निगाहें

Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार इतिहास रचेगी स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की दिव्य साधना, हरिद्वार पर रहेंगी दुनिया की निगाहें

Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार इतिहास रचेगी स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की दिव्य साधना, हरिद्वार पर रहेंगी दुनिया की निगाहें Photo Creadit: IBC24 File

Modified Date: August 2, 2026 / 09:59 am IST
Published Date: August 2, 2026 9:59 am IST
HIGHLIGHTS
  • सावन के पहले सोमवार हरिद्वार में विशेष आध्यात्मिक आयोजन का केंद्र रहेगा
  • स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुड़ने की उम्मीद
  • दक्षिण काली मंदिर में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, पहले सोमवार को भारी भीड़ की संभावना

हरिद्वार। Sawan Somwar 2026: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो गया है और इसका समापन 28 अगस्त, 2026 को होगा। सावन शुरु होते ही देशभर के सभी शिवालय में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सावन का पहला सोमवार इस वर्ष केवल शिवालयों में उमड़ने वाली आस्था के लिए ही नहीं, बल्कि परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज (Swami Kailashanand Giri) की कठोर साधना के कारण भी विशेष महत्व का केंद्र बनने जा रहा है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु इस दिव्य साधना के साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं।

साधना के प्रति बढ़ती श्रद्धा का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज लाखों लोगों ने आधिकारिक सोशल मीडिया लिंक प्राप्त किए, ताकि वे साधना के प्रत्येक क्षण, रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक संदेश से सीधे जुड़ सकें। दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों के पहुँचने की संभावना है।

सावन (Sawan Somwar 2026) भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना का सर्वाधिक पावन काल माना जाता है। ऐसे समय में स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की तपस्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों से भी भक्त इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।

श्रद्धालुओं से की गई यह अपील

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़कर इस दिव्य साधना के दर्शन करें तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाएँ, ताकि शिवभक्ति और सनातन संस्कृति का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित हो सके।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.