Uttarakhand Railway Projects: रेल नेटवर्क विस्तार से पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने सीएम धामी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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Uttarakhand Railway Projects: रेल नेटवर्क विस्तार से पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने सीएम धामी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 10:07 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 10:08 PM IST

Uttarakhand Railway Projects | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • चारधाम यात्रा के लिए सामरिक महत्व
  • देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी आदि पर विशेष ध्यान

देहरादून: Uttarakhand Railway Projects मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, गतिमान रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

Uttarakhand Railway Projects मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा विशेषकर बदरीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा डीपीआर तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार पर स्थित हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं के विस्तार पर उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लाइन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखण्ड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चैयरमैन सतीश कुमार कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।

इन्हें भी पढ़ें:-

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?

यह परियोजना बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाएगी।

टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की स्थिति क्या है?

सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार हो चुकी है, नवंबर 2026 तक ठोस प्रगति की उम्मीद है।

कौन-कौन से रेलवे स्टेशन आधुनिक बनाए जाएंगे?

देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर।