TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan: न FIR है, न कोई चार्जशीट… तो क्यों खारिज कर दी गई मीनाक्षी नटराजन का नामांकन? भड़के टीएस सिंहदेव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद टीएस सिंहदेव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan: न FIR है, न कोई चार्जशीट… तो क्यों खारिज कर दी गई मीनाक्षी नटराजन का नामांकन? भड़के टीएस सिंहदेव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan/AI Generated Image

Modified Date: June 10, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: June 10, 2026 11:49 am IST
HIGHLIGHTS
  • राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर सियासी विवाद तेज हो गया है
  • पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया
  • कांग्रेस ने चुनाव आयोग में विरोध दर्ज कराया है और कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने विरोध दर्ज कराया है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार यानी आज दोपहर 12 बजे मुलाकात का समय दिया। कांग्रेस नेताओं ने आयोग को ज्ञापन सौंपकर फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की है। वही, इस मामले में अब छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान सामने आया है।

भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत: टीएस सिंहदेव

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने X पर कहा, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में किसी भी प्रकार की कोई खामी नहीं है। न उनके खिलाफ कोई FIR है, न कोई चार्जशीट, न ही कोई विधिवत मामला दर्ज है। सिर्फ़ एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति पर दायर निजी शिकायत में कहीं उनके नाम का एक उल्लेख भर है। जब उन पर कोई आपराधिक मामला लंबित ही नहीं है, तो नामांकन पत्र में ऐसी किसी बात को दाखिल करने का प्रश्न ही नहीं उठता।

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan टीएस सिंहदेव ने कहा, यह पूरी तरह से तथ्यों के विपरीत और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई है। ये चुनाव आयोग का पक्षपात है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक षड़यंत्रकारी कोशिश। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र की हत्या करते हुए चुनाव चुराने का एक और प्रयास है। पहले वोट चोरी करो, फिर जनादेश चोरी करो, और जब यह भी संभव न हो तो विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से ही रोक दो। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को भाजपा की द्वेषपूर्ण राजनीति ने दुनिया भर में हैरत, शर्मिंदगी और हंसी का पात्र बना दिया है। सरकारें बदलना अवश्यंभावी है मगर मोदी सरकार के इस दौर को भारत के इतिहास में हमेशा एक काले धब्बे की तरह याद किया जाएगा।

कितना जरूरी है लंबित मामलों का नामांकन में जिक्र?

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan भाजपा का दावा है कि, मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन में नहीं दी है। यही वजह है कि, उनका नॉमिनेशन ख़ारिज कर दिया गया। दूर तरफ कांग्रेस का दावा है कि, मीनाक्षी का नाम एफआईआर में नहीं है। ऐसे में सिर्फ नोटिस को आधार बनाकर नॉमिनेशन रद्द किया जाना सही नहीं है। हालाँकि कानूनी एक्सपर्ट की राय इससे अलग है।

कानून विषेशज्ञ व एडवोकेट पंकज दुबे ने इस बारें में IBC24 से बातचीत की है। उनके मुताबिक नॉमिनेशन फॉर्म में हर केस की जानकारी देना ज़रूरी होता है। तेलंगाना में लंबित केस की जानकारी भी उन्हें देनी थी। भले ही वह कानूनन नोटिस क्यों न हो, अपने फॉर्म उसका जिक्र किया जाना चाहिए था। पंकज दुबे ने बताया कि, तथ्य छुपाने की स्थिति में रिटर्निंग ऑफिसर कार्यवाई के लिए बाध्य है। उन्होंने कहा कि, मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस चाहे तो कोर्ट का रूख कर सकते है।

कांग्रेस-भाजपा के बीच शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर

TS Singh Deo On Meenakshi Natarajan भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पर्याप्त विधायकों का समर्थन न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा। नटराजन ने दावा किया कि यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सीट का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पटवारी ने भी फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को राजनीतिक रूप दिया गया है।

कांग्रेस ने किया कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सीट छीनने के लिए यह कदम उठाया गया है। वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी।

वहीं, चुनाव आयोग पहुंचे कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि वे आयोग को अपनी शिकायत सौंपने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल को अनावश्यक रूप से रोका गया। जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। गौरतलब है कि राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदान 18 जून को होना है। इस बीच मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर विवाद राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.