मुंबई में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को घसीटने और हिरासत में लेने का आरोप

मुंबई में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को घसीटने और हिरासत में लेने का आरोप

मुंबई में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को घसीटने और हिरासत में लेने का आरोप
Modified Date: July 22, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: July 22, 2026 8:00 pm IST

मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र की राजधानी में कई जगहों पर लोगों ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थन में धरना दिया और इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

दक्षिण मुंबई के एक चौराहे से पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जबरन हटा दिया।

पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस पार्टी विधायक दल (सीएलपी) नेता विजय वडेट्टीवार और पूर्व राज्य मंत्री नसीम खान समेत कई वरिष्ठ नेताओं को रीगल सिनेमा चौक पर उस समय रोक दिया, जब वे दक्षिण मुंबई में महाराष्ट्र भाजपा कार्यालय की ओर जा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्हें जबरन वहां से हटाया गया और वैन में कोलाबा पुलिस थाना ले जाया गया।

कांग्रेस नेता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को संविधान की प्रति सौंपना चाहते थे। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ जैसे नारे लगाए।

दिन में मुंबई में कई जगहों पर सैकड़ों लोग जमा हुए और कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि भारी पुलिस तैनाती के बीच चेंबूर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर गार्डन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए। चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उनमें से कुछ को घसीटकर पुलिस की गाड़ियों में डालकर स्थानीय थाने ले गई।

शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और बाद में पुलिस थाना गए।

सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिये गए प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया।

दादर के शिवाजी पार्क में, बुर्का पहनी एक महिला को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। मनसे प्रमुख राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला उसके समर्थन में आईं और प्रदर्शन के दौरान उसके पास बैठ गईं।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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