(इलयाराजा सुब्रमणियन, कैंटरबरी विश्वविद्यालय द्वारा)
क्राइस्टचर्च, 21 फरवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनी एंथ्रोपिक ने इस महीने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करने संबंधी विज्ञापनों के कारण खूब सराहना बटोरी और उपयोगकर्ताओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन विज्ञापनों में, एक एआई सहायक बातचीत के बीच में ही अजीब तरीके से रुककर जूते के इनसोल और डेटिंग सेवाओं जैसे उत्पादों का प्रचार करने लगता है।
सुपर बाउल से जुड़े विज्ञापनों में चेतावनी दी गई थी, ‘‘एआई में विज्ञापन आने वाले हैं’’, लेकिन एंथ्रोपिक के अपने चैटबॉट क्लाउड में नहीं।
इस अभियान ने तुरंत हलचल मचा दी। इस बात को लेकर चिंता, हालांकि समझ में आती है और यह इस बात को नजरअंदाज करती है कि डिजिटल दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में विज्ञापन पहले से ही कैसे काम करता है।
कई मायनों में, एआई के साथ हमारी बातचीत पर आधारित विज्ञापन, लक्षित विज्ञापन के उन प्रकारों से बहुत अलग नहीं हैं जो पहले से ही सर्च इंजन, सोशल मीडिया फीड और ई-कॉमर्स मंच पर हावी हैं।
यदि यह बदलाव पारदर्शी और अच्छी तरह से तैयार किया गया हो, तो इससे लोगों को कार्यों को तेजी से पूरा करने और इन उपकरणों को व्यापक रूप से सुलभ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इस महीने, ओपनएआई के चैटजीपीटी ने अमेरिका में उपयोगकर्ताओं के साथ विज्ञापनों का परीक्षण शुरू किया। कंपनी हमें आश्वस्त करती है कि सभी विज्ञापनों पर स्पष्ट लेबल लगा होगा, उन्हें उत्तरों से अलग रखा जाएगा और उनके साथ गोपनीयता सुरक्षा और नियंत्रण भी होंगे।
दांव बहुत बड़ा है: चैटजीपीटी के अब प्रति सप्ताह 80 करोड़ उपयोगकर्ता हैं और यह इंटरनेट की पांचवीं सबसे अधिक देखी जाने वाली वेबसाइट है। तीन साल पहले शुरू होने के बाद से यह काफी हद तक विज्ञापन-मुक्त रहा है और लगभग पांच प्रतिशत उपयोगकर्ता ही सदस्यता शुल्क का भुगतान करते हैं।
विकास की गुंजाइश को देखते हुए, ओपनएआई के पास एक ऐसा टिकाऊ मॉडल खोजने के लिए मजबूत आधार हैं जो सेवा को इतना लोकप्रिय बनाने वाले तत्वों को कमजोर किए बिना भरोसे को बनाये रखता है।
यदि यह वास्तव में पारदर्शी और वैकल्पिक है, तो इसका विज्ञापन एक बुनियादी वित्तपोषण समस्या को हल करने में मदद कर सकता है। व्यवहार में, एक छोटा भुगतान करने वाला समूह हमेशा के लिए पूरा बोझ नहीं उठा सकता।
एक सरल और स्पष्ट रूप से लेबल किया गया विज्ञापन मॉडल एक ऐसा तरीका है जिससे व्यापक उपयोगकर्ता वर्ग अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे सकता है – ठीक वैसे ही जैसे वे टेलीविजन, यूट्यूब, सर्च इंजन और कई समाचार वेबसाइट के माध्यम से पहले से ही करते हैं।
विश्व स्तर पर लगभग छह में से एक व्यक्ति जनरेटिव एआई का उपयोग करता है, लेकिन इसका उपयोग एकसमान नहीं है और अमीर और गरीब देशों के बीच डिजिटल विभाजन बढ़ता जा रहा है।
यदि धनी देश तेजी से आगे बढ़ते हैं, तो टिकाऊ व्यापार मॉडल उभरती अर्थव्यवस्थाओं में छात्रों, नौकरी चाहने वालों और छोटे संगठनों के लिए लागत कम रखकर पहुंच को व्यापक बनाने में मदद कर सकते हैं।
विज्ञापन इंटरनेट पर हर जगह प्रसारित होने के बजाय वास्तविक रुचि के क्षण में दिखाई देता है। संवादात्मक विज्ञापन एक स्थिर बैनर की तुलना में एक दुकानदार की तरह काम करने की क्षमता रखते हैं। बार-बार क्लिक करने, टैब खोलने और फॉर्म भरने के बजाय, उसी चैट में अनुवर्ती प्रश्न पूछे जा सकते हैं और व्यक्तिगत जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।
(द कन्वरसेशन)
देवेंद्र प्रशांत
प्रशांत