Trump Tarrifs Latest Update: टैरिफ घटा पर खतरा बढ़ा! सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का भारत समेत कई देशों पर 150 दिन का 10% दांव, राहत या आफत..? यहां पढ़ें

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Trump Tarrifs Latest Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा कदम उठाते हुए 150 दिनों के लिए सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले उत्पादों पर 10% एड-वैलोरम अस्थायी आयात शुल्क लगाने का प्रोक्लेमेशन साइन किया है।

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 02:11 PM IST

Donald Trump Latest Statement. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • ट्रंप का 10% अस्थायी टैरिफ
  • भारत-अमेरिका वार्ता में अनिश्चितता
  • फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत

Trump Tarrifs Latest Update: नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा कदम उठाते हुए 150 दिनों के लिए सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले उत्पादों पर 10% एड-वैलोरम अस्थायी आयात शुल्क लगाने का प्रोक्लेमेशन साइन किया है। यह टेम्पररी ड्यूटी 24 फरवरी को रात 12:01 बजे (ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम) से लागू होगी। यह कदम ऐसे समय आया है जब यूनाइटेड स्टेट्स सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की पूर्व टैरिफ व्यवस्था को अवैध करार देकर रद्द कर दिया, जिससे अमेरिका की व्यापार रणनीति और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता दोनों में नई जटिलता पैदा हो गई है। ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत उठाए गए इस कदम से भारत पर प्रभावी आयात शुल्क दर 18% से घटकर 10% हो गई है, जो सतही तौर पर राहत जैसा दिखता है, लेकिन इसकी अस्थायी प्रकृति और उत्पाद-वार अस्पष्टता ने अनिश्चितता बढ़ा दी है।

Trump 10 Percent Tariff: क्या सच में राहत भरी खबर है 10% अस्थायी आयात शुल्क ?

व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश में फार्मास्यूटिकल्स, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, एयरोस्पेस उत्पाद, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों को अस्थायी शुल्क से छूट दी गई है, जिससे भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों, विशेषकर दवा और ऑटो कंपोनेंट उद्योग, को तत्काल राहत मिली है। वहीं टेक्सटाइल, लेदर और गारमेंट सेक्टर को अब 10% शुल्क देना होगा, जो पहले 18% था, इसलिए इनके लिए भी आंशिक राहत की स्थिति है। हालांकि आदेश केवल 150 दिनों के लिए लागू है और कई उत्पादों पर भविष्य में अतिरिक्त जांच या सेक्शन 301 जैसी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है, जिससे भारतीय निर्यातकों और नीति निर्माताओं में असमंजस बना हुआ है।

10% ग्लोबल टैरिफ लगाई जाएगी-ट्रंप

राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके अलावा कुछ विशेष उत्पादों और देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया जा सकता है, जो शुरुआती तौर पर पांच महीनों के लिए प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा और सरकार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उनके अनुसार टैरिफ नीति के जरिए अमेरिका पहले भी आर्थिक दबाव बनाकर आठ संभावित युद्धों को रोक चुका है। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया उस फैसले के बाद आई जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टैरिफ नीति को अवैध करार दिया। फैसले से नाराज ट्रंप ने कहा कि अदालत का निर्णय निराशाजनक है और इससे अमेरिका के आर्थिक हित प्रभावित होंगे, लेकिन उनकी सरकार टैरिफ नीति को आगे बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर काम जारी रखेगी ताकि “जो देश हमें लूटते रहे हैं” उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रह सके।

Trump on Trade Deal:  ट्रंप ने भारत को लेकर की बड़ी टिप्पणी

इस बीच ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “कुछ नहीं बदलेगा-भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। वे हमें सालों से लूट रहे थे, इसलिए हमने भारत के साथ डील की। हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे और वे दे रहे हैं, हमने पलटी मारी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए टैरिफ नीति को और आक्रामक बनाएगा तथा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अन्य कानूनी विकल्पों के जरिए शुल्क व्यवस्था लागू रखेगा।

India US Trades Deal: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव

भारत और अमेरिका के बीच पिछले महीनों से टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन पहले भारत पर 50% तक आयात शुल्क लगा चुका था, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैक्स शामिल था। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत के बाद इसे घटाकर 18% किया गया और अंतरिम व्यापार समझौते का मसौदा आगे बढ़ाया गया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले और नए 10% अस्थायी टैरिफ के बाद प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिर अनिश्चितता में घिर गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का नया आदेश भारत को वार्ता में यह प्रस्ताव रखने का अवसर देता है कि 10% आयात शुल्क की वर्तमान अस्थायी व्यवस्था को स्थायी बनाया जाए और फार्मा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की छूट बरकरार रखी जाए। फिलहाल 150 दिनों की यह वैश्विक टैरिफ नीति अमेरिका की घरेलू राजनीति, न्यायिक हस्तक्षेप और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन की जटिलताओं के बीच एक अंतरिम समाधान मानी जा रही है, जिसका सीधा असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ेगा।

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