सेनाध्यक्ष सेठ की नेपाल यात्रा से द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में मदद मिली : भारतीय दूतावास

सेनाध्यक्ष सेठ की नेपाल यात्रा से द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में मदद मिली : भारतीय दूतावास

सेनाध्यक्ष सेठ की नेपाल यात्रा से द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में मदद मिली : भारतीय दूतावास
Modified Date: August 19, 2026 / 10:37 pm IST
Published Date: August 19, 2026 10:37 pm IST

काठमांडू, 19 अगस्त (भाषा) भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को नेपाल की अपनी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा का समापन किया और इस दौरान उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जनरल सेठ रविवार को काठमांडू पहुंचे थे और अपने नेपाल प्रवास के दौरान राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बालेंद्र शाह तथा अपने नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात की।

भारतीय दूतावास ने बुधवार को यहां एक बयान में कहा, ‘‘इस दौरे से भारत और नेपाल के बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और रक्षा व सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने में मदद मिली।’’

जनरल सेठ को सोमवार को यहां एक समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाली सेना के ‘मानद जनरल’ का दर्जा दिया।

नेपाल और भारत 1950 से एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को ‘जनरल’ का मानद पद देने की परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। यह लंबे समय से चली आ रही सैन्य परंपरा का हिस्सा है, जिसके तहत भारत और नेपाल एक-दूसरे की सेनाओं के प्रमुखों को ‘जनरल’ का मानद पद देते हैं।

जनरल सेठ ने सोमवार को टुंडीखेल स्थित आर्मी पैविलियन में देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

जनरल सेठ ने सोमवार को नेपाली सेना के मुख्यालय में जनरल सिग्देल के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की।

दूतावास ने बयान में कहा कि क्षमता निर्माण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए जनरल सेठ ने आपदा तैयारियों के लिए वाहन और चिकित्सा उपकरण सौंपे।

जनरल सेठ ने मंगलवार को शिवपुरी स्थित नेपाली सेना कमान और स्टाफ कॉलेज का दौरा किया और प्रशिक्षुओं तथा प्रशिक्षकों से बातचीत की।

दूतावास ने कहा, ‘‘इस बातचीत से विचारों के सार्थक आदान-प्रदान का मौका मिला और भारत तथा नेपाल की सेनाओं के बीच अकादमिक सहयोग के महत्व की फिर से पुष्टि हुई।’’

इसके बाद, जनरल सेठ ने प्रधानमंत्री शाह से शिष्टाचार भेंट की, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी, खासकर रक्षा सहयोग पर चर्चा की।

अपनी नेपाल यात्रा के आखिरी दिन, भारतीय सेना प्रमुख ने पोखरा का दौरा किया और भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से बातचीत की।

जनरल सेठ ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों की सेवा, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए उनकी सराहना की।

सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए, इस कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया।

जनरल सेठ ने कोहलपुर में पूर्व-सैनिकों के लिए ‘भूतपूर्व सैनिक अंशदान स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) पॉलीक्लिनिक का लोकार्पण भी किया।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में