पृथ्वी के करीब एक दिन बिताने के बाद आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर रवाना

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पृथ्वी के करीब एक दिन बिताने के बाद आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर रवाना

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 11:43 AM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 11:43 AM IST

केप केनवरल (अमेरिका), तीन अप्रैल (एपी) नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने बृहस्पतिवार रात अपने इंजन चालू किए और चंद्रमा की ओर प्रस्थान किया, जिससे दशकों तक पृथ्वी की कक्षा तक सीमित रहे मानव कदम अब चांद की ओर बढ़ गए हैं।

प्रक्षेपण के 25 घंटे तक पृथ्वी के करीब रहने के बाद हुआ यह ‘ट्रांसलूनर इग्निशन’ तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री को अगले सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के पास से गुजरने की दिशा में ले जाएगा। उनका ओरियन कैप्सूल पृथ्वी की कक्षा से निकलकर लगभग चार लाख किलोमीटर दूर चंद्रमा की ओर बढ़ गया है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अधिकारी लोरी ग्लेज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार इंसान पृथ्वी की कक्षा से बाहर गए हैं।’’

उन्होंने बताया कि इंजन का संचालन पूरी तरह सफल रहा।

कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा कि वह और उनके साथी खिड़कियों से पृथ्वी को दूर जाते हुए देख रहे थे और यह दृश्य ‘‘अद्भुत’’ था।

हैनसेन ने कहा, ‘‘मानवता ने एक बार फिर दिखा दिया है कि हम क्या कर सकते हैं और भविष्य के लिए आपकी उम्मीदें ही हमें इस चंद्रमा की यात्रा पर आगे बढ़ा रही हैं।’’

नासा ने पहले एक दिन अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी के पास ही रखा, ताकि जीवन-समर्थन प्रणाली की जांच हो सके। अब यह मिशन चंद्रमा पर मानव बस्ती स्थापित करने की दिशा में पहला कदम है।

आर्टेमिस-2 के कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और हैनसेन चंद्रमा के पास से घूमकर सीधे पृथ्वी पर लौटेंगे। वे अपोलो-13 के 1970 के दूरी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाले मानव बन सकते हैं। उड़ान के अंत में 10 अप्रैल को पृथ्वी के वायुमंडल में वापसी के दौरान वे सबसे तेज गति से लौटने वाले इंसान भी बन सकते हैं।

ग्लोवर, कोच और हैनसेन पहले अश्वेत, पहली महिला और पहले गैर-अमेरिकी हैं जो चंद्रमा मिशन पर गए हैं। अपोलो के 24 चंद्रयात्री सभी श्वेत पुरुष थे।

मिशन कंट्रोल ने उन्हें इंजन चालू करने से पहले अंतिम अनुमति दी और इसे ‘‘मानवता की चंद्रमा पर वापसी की यात्रा’’ बताया। यह मिशन पृथ्वी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण पर आधारित है।

कोच ने कहा, ‘‘चंद्रमा की ओर इस प्रस्थान के साथ हम पृथ्वी को नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि उसकी अहमियत को और समझ रहे हैं।’’

आगामी सोमवार को चंद्रमा के पास से गुजरना अगला महत्वपूर्ण चरण होगा। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से के अभूतपूर्व दृश्य देखेंगे और उन्हें पूर्ण सूर्यग्रहण का भी अनुभव होगा।

नासा इस परीक्षण मिशन के जरिए 2028 तक चंद्रमा पर दो मनुष्यों को उतारने की तैयारी कर रहा है।

हालांकि, बुधवार शाम को मिशन के दौरान ओरियन के शौचालय में खराबी भी आई, जिसे बाद में ठीक कर लिया गया।

एपी गोला मनीषा

मनीषा