नेपाल में जारी मूसलाधार बारिश के कारण 27 लोगों की मौत : अधिकारी

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नेपाल में जारी मूसलाधार बारिश के कारण 27 लोगों की मौत : अधिकारी

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 03:03 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 03:03 PM IST

काठमांडू, 29 सितंबर (भाषा) नेपाल में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण हुए कई हादसों में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

नेपाल के गृह मंत्रालय के अनुसार, 24 से 28 सितंबर तक मानसून की वजह से हुए इन हादसों में चार लोग अब भी लापता हैं जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं।

आपदा की घटनाओं से 1,082 परिवार प्रभावित हुए और 114 मवेशियों की मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि के दौरान भूस्खलन की 304 घटनाएं हुईं, जिनमें 20 लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग लापता और सात घायल हो गए।

इसी तरह, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, बाढ़ से जुड़ी 87 घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, भारी बारिश से जुड़ी 151 घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई और एक व्यक्ति घायल हुआ है।

एनडीआरआरएमए के मुताबिक, भारी बारिश से 227 घर नष्ट हो गए और 142 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। बाढ़ और भूस्खलन से 31 पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण इस दौरान देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।

रविवार को नेपाल के मनांग जिले में हुए बड़े भूस्खलन का मलबा मर्स्यांगदी नदी में बह गया जिससे थोड़े समय के लिए नदी का कुछ हिस्सा अवरुद्ध हो गया।

नेपाल में लगातार बारिश की वजह से हुए भूस्खलन के कारण अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने को कहा। नदी का कुछ हिस्सा कुछ घंटों के लिए अवरुद्ध रहा और फिर बिना किसी बड़े नुकसान के स्थिति सामान्य हो गई।

यह देश अभी भी पिछले महीने 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई अचानक बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहा है। हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी और मलबा अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।

इस बाढ़ में कम से कम 1,453 लोगों की मौत हो गई और 5,000 से अधिक लोग लापता हो गए। भारी मानसूनी बारिश के दौर से गुजर रहे नेपाल में लगातार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश