महिलाओं पर हमलों, बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश ने जांच में तेजी लाने का वादा किया

महिलाओं पर हमलों, बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश ने जांच में तेजी लाने का वादा किया

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  • Publish Date - March 9, 2025 / 08:54 PM IST,
    Updated On - March 9, 2025 / 08:54 PM IST

ढाका, नौ मार्च (भाषा) बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने रविवार को वादा किया कि महिलाओं के साथ बलात्कार और उनके खिलाफ हमलों की घटनाओं की जांच में तेजी लाई जाएगी।

ऐसी घटनाओं में वृद्धि के कारण देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा कि सरकार ने एक कानून लागू करने की योजना बनाई है जिसके तहत बलात्कार के मामलों की जांच 15 दिनों के भीतर तथा सुनवाई 90 दिन में पूरी करनी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘90 दिन में मुकदमा पूरा न होने के नाम पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। अगर प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही बरती गई तो कानून में सजा के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएंगे।’’

सरकार ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है तब तीन दिन पहले पश्चिमी मगुरा में आठ वर्षीय बच्ची पर उसकी बहन के ससुर द्वारा कथित रूप से बर्बरता से हमला किए जाने और उससे बलात्कार किए जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके बाद प्राधिकारियों को यह घोषणा करनी पड़ी।

बांग्लादेश में हाल में सड़कों पर महिलाओं के साथ बलात्कार और उन पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं। रमजान से पहले राजधानी में सार्वजनिक रूप से धूम्रपान करने के कारण दो महिलाओं को पीटा गया। इस घटना का सोशल मीडिया के जरिए व्यापक पैमाने पर विरोध हुआ।

गृह मामलों के सलाहकार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी ने कहा, ‘‘मैंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बच्चों और महिलाओं के साथ बलात्कार सहित सभी प्रकार की हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।’’

उन्होंने कहा कि अब तक हुई हिंसा की ऐसी घटनाओं को सूचीबद्ध करने के आदेश जारी किए गए हैं।

मौजूदा कानून के अनुसार, बलात्कार के मामलों की जांच 30 दिन में और सुनवाई 180 दिन में पूरी हो जानी चाहिए। कानून में प्रावधान है कि बलात्कारियों को अधिकतम सजा के रूप में मौत की सजा दी जा सकती है।

नजरुल ने कहा कि अंतरिम सरकार हर जिले में डीएनए फोरेंसिक प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए कदम उठाएगी ताकि डीएनए प्रमाणपत्र समय से न मिल पाने के कारण बलात्कार के मामलों की सुनवाई में देरी न हो।

देश में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की हालिया घटनाओं के खिलाफ रविवार को आम नागरिकों, छात्रों और महिलाओं ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किए।

भाषा सिम्मी प्रशांत

प्रशांत