ढाका, आठ फरवरी (भाषा) बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की अस्थायी सरकार ने छात्र नेता शरिफ उस्मान हादी की हत्या की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से सहयोग मांगा है। यह जानकारी रविवार को मीडिया की एक खबर से मिली।
इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी (32) ने जुलाई-अगस्त 2024 के उस छात्र प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायी थी, जिसके चलते शेख हसीना नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था। हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बताया कि बांग्लादेश की अस्थायी सरकार ने हादी की हत्या की उचित जांच सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) से सहयोग मांगा है।
मुख्य सलाहकार की प्रेस इकाई ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को जिनेवा में बांग्लादेश के स्थायी मिशन ने ओएचसीएचआर को एक औपचारिक राजनयिक पत्र भेजा।
उसने कहा कि बांग्लादेश ने हादी की हत्या की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से तकनीकी और संस्थागत सहायता की औपचारिक मांग की है।
प्रेस इकाई ने कहा, “बांग्लादेश सरकार ने दोहराया है कि वह शहीद शरिफ उस्मान हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए दृढ़ रूप से प्रतिबद्ध है।”
हादी आगामी 12 फरवरी के संसदीय चुनाव में उम्मीदवार भी थे। उन्हें उपचार के लिए हवाई मार्ग से सिंगापुर ले जाया गया था, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई।
जनवरी में ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) की डिटेक्टिव ब्रांच ने हत्या के संबंध में 17 लोगों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किया और कहा कि हादी की हत्या “राजनीतिक प्रतिशोध” के तहत अवामी लीग के इशारे पर की गई थी। इसमें मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद शामिल था।
हालांकि, हादी की पार्टी ने पुलिस आरोपपत्र को खारिज करते हुए राज्य मशीनरी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया।
ढाका में एक प्रेसवार्ता में डीएमपी डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त एम. डी. शफीकुल इस्लाम ने कहा कि कथित गोलीबारी करने वाले मसूद का अवामी लीग के छात्र शाखा छात्र लीग से सीधे संबंध था। उन्होंने कहा कि हादी की हत्या अवामी लीग द्वारा मनोनीत वार्ड पार्षद तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के इशारे पर की गई थी।
अस्थायी सरकार ने पिछले साल अवामी लीग और उसकी छात्र शाखा, दोनों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
हादी की हत्या से बांग्लादेश में नई राजनीतिक अशांति भड़क गई और कुछ समूहों द्वारा हत्या में भारत के कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाने के बाद भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा हुआ। नयी दिल्ली ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “भ्रामक विमर्श” करार दिया।
भाषा अमित नरेश
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