बांग्लादेश को खसरे के व्यापक प्रकोप के बारे में कम से कम 10 बार आगाह किया गया: यूनिसेफ

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बांग्लादेश को खसरे के व्यापक प्रकोप के बारे में कम से कम 10 बार आगाह किया गया: यूनिसेफ

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 10:30 PM IST

ढाका, 20 मई (भाषा) खसरे से मौतों का आंकड़ा 500 तक पहुंचने के बीच, यूनिसेफ ने बुधवार को दावा किया कि उसने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को टीके की खरीद में प्रक्रियात्मक देरी के बाद संभावित प्रकोप के बारे में कम से कम ‘‘10 बार’’ आगाह किया था।

ढाका में यूनिसेफ की प्रतिनिधि राना फ्लावर्स की यह टिप्पणी ऐसे दिन आई जब आधिकारिक आंकड़ों में बताया गया कि मार्च से अब तक खसरा के कारण 481 मौतें हो चुकी हैं। पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से छह बच्चों की मौत हुई, जबकि 1,270 नए मामलों में लक्षणों की पुष्टि की गई।

फ्लावर्स ने खसरा के मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता में बताया ‘‘हमने 2024 से सरकार के साथ कम से कम 10 बैठकों में टीकों की कमी को लेकर चिंता जताई, साथ ही पांच से छह औपचारिक पत्र भी भेजे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम 2024 से ही सरकार को आगाह कर रहे थे कि टीकों की कमी से महामारी फैल सकती है।’’

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की प्रतिनिधि ने कहा कि स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय दोनों को इस मुद्दे के बारे में सूचित किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह कमी धन की कमी के कारण नहीं हुई, बल्कि खरीद प्रक्रियाओं में देरी के कारण हुई जिससे टीकों की समय पर प्राप्ति में बाधा उत्पन्न हुई।’’

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मार्च में शुरू हुए नवीनतम प्रकोप के बाद से खसरा या उसके लक्षणों से अब तक 481 मौतों की पुष्टि हुई है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है क्योंकि कई मामले दर्ज नहीं किए गए होंगे। पहले भी मामले सामने आए थे, लेकिन मार्च में सरकार ने प्रकोप की बात स्वीकार की थी।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दिन में खसरा या इससे मिलते जुलते लक्षणों के कारण छह बच्चों की मौत हो गई, जबकि 1,270 बच्चों में इस बीमारी के लक्षण देखने को मिले हैं।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के 17 फरवरी को सत्ता संभालने के बाद से स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव आना शुरू हो गया।

यूनिसेफ ने यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पूर्व स्थापित संस्थागत प्रक्रिया को छोड़ दिया था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन सरकार के पतन के बाद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता में आई थी।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश

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