हनोई, 12 जुलाई (भाषा) वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय पर्यटकों के शव हो ची मिन्ह सिटी ले जाए गए हैं जहां से उन्हें भारत भिजवाया जाएगा। भारतीय मिशन ने रविवार को यह जानकारी दी।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने यह भी बताया कि बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 स्वदेश लौट रहे हैं और एक पर्यटक की हालत गंभीर है तथा वह फू क्वोक के एक अस्पताल में भर्ती है।
फू क्वोक द्वीप के पास होन मे रुत नगोई के निकट शनिवार को 32 भारतीय पर्यटकों और स्थानीय चालक दल के चार सदस्यों को ले जा रही एक नौका पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई तथा अन्य सभी लोगों को बचा लिया गया।
दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शनिवार को हुए दुखद नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय नागरिकों के शव हो ची मिन्ह सिटी ले जाए जा रहे हैं जो रविवार शाम तक वहां पहुंच जाएंगे।’’
इसने कहा, ‘‘हो ची मिन्ह सिटी में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव जल्द से जल्द भारत भेजे जाएंगे।’’
दूतावास ने कहा कि उसकी टीम वियतनाम के प्राधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं। वियतनामी प्राधिकारियों ने शव जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
दूतावास की ओर से साझा की गई सूची के अनुसार, मृतकों में से 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
सूची के मुताबिक, तमिलनाडु के मृतकों की पहचान सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेसन, विनय कुमार चिथिरापुरम भास्कर, रविशंकर सुगुमारन, संतोष कुमार शांतिलाल जैन, बाबू कुप्पुस्वामी और अलगुराजन शिवसामी के रूप में हुई है।
आंध्र प्रदेश के मृतकों की पहचान नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा, श्रीधर मुदियम और जया लक्ष्मी गेल्ली के रूप में हुई है जबकि केरल के मृतकों की पहचान एविकॉट चेरियन थॉमस और लोवेनी थॉमस के तौर पर हुई है।
दक्षिण भारत के इन तीनों राज्यों की सरकारों ने हादसे से प्रभावित लोगों के परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इससे पहले रविवार को दूतावास ने कहा था कि बचाए गए 17 पर्यटकों में से 16 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं।
दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा, ‘‘शनिवार को हुए दुखद नौका हादसे में बचाए गए 15 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं।’’
इसने कहा, ‘‘अस्पताल में गहन देखभाल में रखे गए दो मरीजों में से एक को छुट्टी दे दी गई है और वह भारत लौट रहा है। दूसरे मरीज का फू क्वोक के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।’’
दूतावास ने कहा कि उसकी और वाणिज्य दूतावास की टीम हर प्रकार की सहायता के लिए फू क्वोक में मौजूद हैं।
फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप और एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह सफेद रेत वाले समुद्र तटों, प्रवाल भित्तियों और द्वीप भ्रमण के लिए जाना जाता है।
ऐसा बताया जा रहा है कि पर्यटक एक द्वीप की सैर कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। नौका फू क्वोक के तट से दूर अन थोई द्वीपसमूह में स्थित होन मे रुत नगोई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर पलट गई थी।
हादसे के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं और प्राधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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