अमरावती, 12 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वियतनाम में हुए नौका हादसे के पीड़ितों को दी जा रही सहायता की रविवार को समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित पर्यटकों की शीघ्र स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया।
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को एक नौका (स्पीडबोट) पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। नौका में 32 भारतीय पर्यटकों और स्थानीय चालक दल के चार सदस्यों सहित कुल 36 लोग सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाए गए लोगों में से दो घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक नायडू ने कहा, ‘‘अधिकारियों को प्रभावित पर्यटकों की शीघ्र स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।’’
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हादसे में घायल गेले किशोर का वियतनाम के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वालों के पार्थिव शरीर उनके गृह नगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था के लिए एक एजेंसी नियुक्त की है। पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपने और उन्हें भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि हादसे में बचाए गए पर्यटकों को रविवार को उनके गृह नगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था कर दी गई।
उन्होंने बताया कि जीवित बचे पर्यटकों के हवाई टिकट उस मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी ने उपलब्ध कराए हैं जिसने अपने कारोबारी सहयोगियों के लिए इस यात्रा का प्रायोजन किया था।
मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश भवन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षित भारत वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर उनके घरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
नायडू ने अधिकारियों को स्वदेश वापसी की प्रक्रिया के संबंध में वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया।
फू क्वोक, वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, प्रवाल भित्तियों तथा द्वीप भ्रमण के कारण प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। बताया गया है कि ये पर्यटक द्वीप भ्रमण से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
भाषा रवि कांत सिम्मी
सिम्मी